लापरवाही / 4 दिनों में लावारिस पशु से टकराकर दूसरे बाइक सवार व्यक्ति की मौत

Another bike-rider dies after hitting an abandoned animal in 4 days
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Another bike-rider dies after hitting an abandoned animal in 4 days

  • काउ सैस की विजिलेंस जांच की रिपोर्ट नहीं आई
  • अदालत से मिल रही तारीख पर तारीख

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:22 AM IST

बठिंडा. (दिनेश बस्सी)
बठिंडा नगर निगम शहरवासियों से लावारिस पशुओं की संभाल को हर साल करीब करीब 3 करोड़ रुपए काउ सैस इकट्‌ठा करता है, लेकिन बठिंडा में चार दिनों में दूसरी बार एक मोटरसाइकिल सवार की लावारिस पशु से टकरा जाने के बाद अस्पताल में मौत हो गई। जग्गा सिंह नाम का यह व्यक्ति अपने घर लौट रहा था कि मलोट रोड पर सनावर स्कूल के नजदीक हादसे का शिकार हाे गया।

अब उसके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। 2 साल में लावारिस पशुओं की वजह से यह 26वीं मौत है परंतु समस्या का हल कहीं नजर नहीं आता। सरकारी गाैशाला हररायपुर में अभी तक नए काउ शैड नहीं बनाए जा सके हैं जबकि 2019 में वहां एक साल तक हरा चारा नहीं पहुंचना बेहद शर्मनाक व चर्चा का विषय रहा था।

वहीं सरकारी तंत्र की बेरुखी का आलम यह है कि वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के विस क्षेत्र में स्थित नगर निगम में काउ सैस के उपयोग की इंक्वायरी के मामले में विजिलेंस लॉकल बॉडी द्वारा रेड के 6 माह बाद भी रिपोर्ट पेश नहीं की है जबकि परमानेंट लोक अदालत में पिछले चार साल से इस मुद्दे पर दायर केस में स्टेट एविडेंस नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि मंगलवार 19 मई रात को डबवाली बादल रोड पर एक युवक के पेट में लावारिस पशु का सींग घुसने से मौके पर ही मौत हो गई थी।    

विजिलेंस जांच की 6 माह बाद भी रिपोर्ट नहीं, लोक अदालत में केस

काउ सैस के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अनिल भोला द्वारा विजिलेंस इंक्वायरी की मांग करने के बाद दिसंबर 2019 में विजिलेंस लोकल बॉडी द्वारा नगर निगम बठिंडा में रेड कर रिकॉर्ड उठाया गया, लेकिन छह माह बीतने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं इस मुद्दे पर शिकायतकर्ता हरजिंदर जाैहल मेला के केस की पैरवी कर रहे एडवोकेट संजय गोयल कहते हैं कि परमानेंट लोक अदालत में यह केस चल रहा है जिसमें स्टेट ने पिछले दो साल में एविडेंस ही नहीं दिया है, वहीं मध्य में अदालत में चेयरमैन नहीं होने से केस में देरी हुई व तारीख पर तारीख मिल रही है।      

काउ सैस वसूली पर जोर, एक भी घायल को मदद नहीं दी

शुक्रवार को लावारिस पशु के हादसे में जान गंवाने वाले जग्गा सिंह पेशे से ट्रक ड्राइवर थे तथा मुक्तसर रोड पर कोलतार फैक्ट्री में ट्रक लगा घर लौट रहे थे कि हादसे में जान गंवा बैठे। नगर निगम ने शहर में सीमेंट, शराब, वाहन व ऑयल डिपो आदि पर प्रॉडक्ट की बिक्री यानी की आम जनता पर  काउ सैस लगाया है जिसमें निगम को करीब 3 करोड़ की आमदनी होती है लकिन निगम पीड़ितों को एक पैसे की मदद देने में नाकाम रहा है। निगम हाउस के दूसरे कार्यकाल के समापन से एक माह पहले 22 जनवरी 2020 को हाउस मीटिंग में अधिकारियों व पार्षदों की कमेटी का गठन किया गया जो 8 मार्च 2020 को हाउस का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही बिना एक भी मीटिंग किए भंग हो गई। आंखें पोंछने की इस कार्यवाही के बाद निगम अभी तक कोई भी ठोस रणनीति बनाने में नाकाम रहा है।

पत्नी बोलीं, बच्चों की परवरिश कैसे होगी

मृतक जग्गा सिंह की पत्नी मंजीत कौर ने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं तथा घर में अकेले उनके पति ही कमाने वाले थे, उनकी समझ में ही नहीं आ रहा है कि बच्चों की परवरिश व पढ़ाई कैसे होगी। उनके जाने से पूरा परिवार की खत्म हो गया है।

3 हजार पशुओं को सड़कों से हटा चुके
मंगलवार वाले हादसे में अभी तक युवक की मौत की एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। हमारे पास कोई अपील वगैरह भी नहीं आई है। हमने लोगों को शहर में चारा डालने से मना किया है ताकि पशु इकट्ठे नहीं हों। वहीं मेरे आने के करीब 8 माह में निगम 3 हजार पशुओं को सड़कों से हटा चुका है जबकि काफी पशुओं को शहर की हद से बाहर किया गया है। यह कब खत्म होंगे इस पर मैं कोई कमेंट नहीं दे पाउंगा। 
- बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, कमिश्नर, नगर निगम, बठिंडा

जो संभव एक्शन होगा, किया जाएगा
मैं इस सारे मामले को चेक करवाता हूं व इस मामले में जो भी संभव एक्शन होगा, वह किया जाएगा। कोविड की वजह से दो-तीन माह से सिस्टम पूरा व्यस्त होने के कारण इस इश्यू पर ध्यान नहीं दिया जा सका। मैं इसे पूरा रिव्यू करूंगा।
- बी. श्रीनिवासन, डीसी, बठिंडा

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