बठिंडा में अवैध हथियार बनाने वाला दूसरा आरोपी भी काबू:पुलिस ने मुक्तसर साहिब से किया गिरफ्तार, असम में बोडो लिबरेशन टाइगर फोर्स का सदस्य रह चुका है एक सदस्य

लुधियाना2 महीने पहले
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पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी संजय बारो। - Dainik Bhaskar
पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी संजय बारो।

बठिंडा पुलिस ने अवैध हथियार बनाकर उसे बेचने के आरोप में दूसरे आरोपी को भी काबू कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले से जुड़े दूसरे आरोपी को श्री मुक्तसर साहिब से गिरफ्तार किया। उसके पहचान श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले अमरीक सिंह के तौर पर हुई। इससे पहले सोमवार को एक असम के रहने वाले आरोपी संजय बारो को काबू किया गया था, जो बोडो लिबरेशन टाइगर फोर्स का सदस्य रह चुका है।

आरोपी बठिंडा में रहकर प्लंबर का काम करते थे और यहीं अवैध हथियार बनाकर आगे बेचते थे। पुलिस ने उनसे से 2 देसी कट्टे बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपियों से क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) के कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं किसी ग्रुप के साथ मिलकर बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्रयास तो नहीं था। हालांकि पुलिस दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के अनुसार सीआईए पुलिस को सूचना मिली थी कि असम के जिला बरसा के गांव सीलाकुटी का रहने वाला संजय बारो बठिंडा में रहता है और श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले अमरीक सिंह के साथ प्लंबर का काम करता है। वह यहां पर रहकर अवैध हथियार बनाकर आगे बेच देता है। पुलिस ने पावर हाउस रोड पर नाकाबंदी कर उसे गिरफ्तार किया और उसके पास से 2 देसी कट्टे भी बरामद किए गए। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी अमरीक सिंह को श्री मुक्तसर साहिब से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ असलाह एक्ट के तहत सिविल लाइन थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने अब तक कितने हथियार बनाए और किसे बेचे।

2003 में किया था पुलिस के समक्ष सरेंडर
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार संजय बारो असम में सरकार के खिलाफ संघर्ष करने वाली बोडो लिबरेशन टाइगर फोर्स का सक्रिय सदस्य रहा है। यह फोर्स असम से अलग बोडो राज्य की मांग कर रही थी। 2003 में हुए समझौते के अनुसार इनकी फोर्स ने आत्म समर्पण कर दिया था और इन्हें आश्वासन दिया गया था कि उन्हें नौकरी दी जाएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि इनकी फोर्स खुद के लिए देसी हथियार बनाती। वह 3 माह पहले ही बठिंडा आया था।

स्थानीय आतंकियों से तो नहीं आरोपियों के संपर्क, जांच में जुटी पुलिस
पंजाब में पिछले समय के दौरान पाकिस्तान से बहुत सारे हथियार और टिफिन बम आए हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि आतंकी उन सभी लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो किसी ने किसी ढंग से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। अब पुलिस इस एंगल पर जांच कर रही है कि कहीं वह पंजाब में सक्रिय किसी आतंकी मॉड्यूल या फिर किसी गैंगस्टर ग्रुप का तो हिस्सा नहीं है।

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