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बस स्टैंड निर्माण:नए बस स्टैंड के निर्माण पर असमंजस बरकरार पुराने के रेनोवेशन को एफएम ने दिए 1 करोड़

बठिंडा16 दिन पहले
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नए बस अड्‌डे का 2016 में रखा नीव पत्थर। (इनसेट) पुराने बस अड्‌डे की रेनोवेशन का नीव पत्थर रखते एफएम मनप्रीत बादल। - Dainik Bhaskar
नए बस अड्‌डे का 2016 में रखा नीव पत्थर। (इनसेट) पुराने बस अड्‌डे की रेनोवेशन का नीव पत्थर रखते एफएम मनप्रीत बादल।
  • 2016 में नींव पत्थर रखा, 2017 में शुरू हुई डिजाइनिंग, 2020 से सेना मुख्यालय में फाइल पेडिंग

बठिंडा के रिंगरोड फेज 1 में के निर्माण के क्लियर होने व अधिकांश पेंच हटने के बाद शहर के अंदर स्थित बस स्टैंड के वहां शिफ्ट होने की संभावनाएं बहुत अधिक बन गई थीं, लेकिन आलम यह है कि दिन प्रतिदिन पंजाब 2022 के चुनाव की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक सेना मुख्यालय, दिल्ली की और से इस महत्वाकांक्षी 65 करोड़ के प्रोजेक्ट को अप्रूवल नहीं दी गई है जबकि 13 दिसंबर 2016 को पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस बस स्टैंड का रिंगरोड का इश्यू क्लियर हुए बिना नींव पत्थर भी रख दिया था, लेकिन आज पांच साल बाद भी शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर एक ईंट नहीं लगाई जा सकी है।

2017 में डिजाइनिंग का काम शुरू होने के बाद इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसकी लेआउट के साथ पूरी डिजाइनिंग आदि का काम पूरा कर लोकल लेवल से अप्रूवल दिलाकर इसे सेना मुख्यालय, दिल्ली भिजवा दिया, लेकिन पिछले कई माह से यह अप्रूवल की फाइल अप्रूव ही नहीं हो सकी है।

वित्तमंत्री ने रक्षा मंत्री से मुलाकात कर की थी फाइनल अप्रूवल दिलाने की अपील
सेना में बस स्टैंड की फाइल को लेकर किसी तरह की हिलजुल नहीं होने की सूरत में इस मामले में वित्तमंत्री मनप्रीत बादल से चर्चा करने के उपरांत हाल ही में वह दिल्ली में केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से जाकर मिले तथा उनसे इस प्रोजेक्ट को लेकर तथा शहर की जरूरत के संबंध में बातचीत कर उनसे अप्रूवल देने कीं अपील की तथा राजनाथ सिंह ने भी उन्हें उचित सहयोग का आश्वासन दिया।

लेकिन बात यह है कि अगर अगले कुछ और माह इसके निर्माण की परमिशन नहीं मिली तो दिसंबर के आसपास चुनाव आचार संहिता लग जाएगी जिसके बाद किसी तरह की परमिशन मिलने के बावजूद निर्माण होना संभव नहीं होगा। ऐसे में सरकार की कोशिश जल्द परमिशन लेने की है जिसके लिए बाकायदा लोग भी इंतजार कर रहे हैं।

सेना के एतराज जाहिर करने पर नहीं होगा निर्माण
बठिंडा में बनने वाले इस 65 करोड़ के बस स्टैंड की डिजाइनिंग आदि का सारा काम पूरा हो चुका है तथा इसमें हर तरह की कमियों को दूर कर लोकल स्तर पर अधिकारियों की मुहर लगवाने के बाद 10 एकड़ के इस प्रोजेक्ट में बाकायदा 8 एकड़ में स्टैंड व 2 एकड़ में वर्कशाप का प्रावधान करने के अलावा रिंगरोड-1 पर सेना कैंट के साथ लगते एरिया में एक तयशुदा रेंज में निर्माण की बजाए हरियाली रखी गई है तथा वहां किसी भी ऊंची इमारत का निर्माण नहीं किया जाना है।

इससे आश्वस्त होने के बाद फाइल में डिजाइनिंग व लेआउट की कमियों को दूर कर बठिंडा कैंट से अप्रूवल के बाद इसे जयपुर तथा अब फाइनल दिल्ली काफी समय पहले सेना भेज चुकी है जहां से इसे अप्रूवल मिलना बाकी है। अगर सेना निर्माण पर एतराज जाहिर करती है तो इसे बनाना संभव नही होगा तथा बस स्टैंड की जगह सिर्फ नींव पत्थर ही सहेज पाएगी।​​​​​​​

नगर निगम करेगा प्रोजेक्ट को हैंडल
जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग करवाने से लेकर हर बारीक से बारीक अप्रूवल का काम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने पूरा किया, लेकिन अब इसका निर्माण नगर निगम को सौंप दिया गया है जिन्हें अभी तक इतने बड़े प्रोजेक्ट को हैंडिल करने का कोई अनुभव नहीं है। इस संबंंध में अधिकारिक तौर पर जानकारी भी इश्यू हो चुकी है।

ऐसे में इस प्रोजेक्ट का भविष्य क्या रहता है, सेना की परमिशन के बाद ही इसमें कुछ कहना संभव होगा। ग्रीन टेक्नालॉजी आधारित बनने वाले इस बस स्टैंड में आधुनिक इमारत के साथ काफी सारी सुविधाएं विकसित की जानी हैं जिसमें सिनेमा आदि भी शामिल है। वहीं वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने पुराने बस स्टैंड के सुधार को 1 करोड़ देकर इस प्रोजेक्ट पर कई कयास लगवा दिए हैं।​​​​​​​

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