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सरकारी स्कूलों में पहुंच रहा सारा स्टाफ:डीसी बाेले-आज से स्टाफ के लिए भी स्कूल बंद रहेंगे

बठिंडाएक महीने पहले
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सरकारी, एडेड और प्राइवेट स्कूलों में रूटीन में सारा स्टाफ ड्यूटी पर आ रहा है, किसी में 20 तो किसी में 70 टीचिंग-नान टीचिंग स्टाफ है। कोरोना केस बढ़ने पर सरकार ने तमाम सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत स्टाफ के हाजिर होने के निर्देश दिए हैं, वहीं पब्लिक डीलिंग को कुछ दिनों तक के लिए टालने अथवा दूरी बनाकर ही मिलने की हिदायत दी गई है, लेकिन सरकारी अथवा गैर सरकारी स्कूलों के लिए इस संबंध में किसी तरह के कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं जिसकी वजह से सारा स्टाफ स्कूल पहुंच रहा है जिसके चलते अक्सर सोशल डिस्टेंसिंग का नियम पूरी तरह से लागू होने में अंदेशा रहता है।

सरकारी स्कूलों का टीचिंग नान टीचिंग स्टाफ कई लोग कोरोना से जूझ रहा है, ऐसे हालातों से घबराए अन्य स्टाफ की ओर से स्कूलों में भी 50 प्रतिशत हाजिरी का नियम लागू करने के लिए मांग की जा रही है, लेकिन न तो स्कूल प्रबंधक और न ही डीईओ इस दिशा में कोई फैसला ले पा रहा है, वे सिर्फ जिला प्रशासन अथवा शिक्षा विभाग की गाइडलाइंस की ओर ही निगाहें टिकाए हुए हैं। वहीं डीसी बी श्रीनिवासन ने कहा कि शुक्रवार से स्टाफ भी स्कूल नहीं अाएगा। इससे अध्यापकों की परेशानी कम हो सकेगी।

सिर्फ बच्चों के लिए बंद, ऑनलाइन स्टडी के लिए नियमित सुबह 8 से 2 बजे तक स्कूल आते हैं अध्यापक
स्कूल सिर्फ बच्चों के लिए बंद रखे गए हैं जबकि स्टाफ तो अपने निर्धारित स्कूल समय पर ही सुबह 8 से दोपहर 2 बजे ड्यूटी करता है और बाकायदा हाजिरी भी लगती है। वहीं डीईओ और शिक्षा सुधार की टीमें भी स्कूलों में अध्यापकों की हाजिरी की पूरी मॉनिटरिंग करते हैं और किसी अध्यापक के उपस्थित न होने अथवा हाजिरी रजिस्टर का कॉलम खाली होने पर भी गंभीरता दिखाते हैं। अप्रैल से नए सेशन की शुरुआत के सप्ताह बाद ही बच्चों को ऑनलाइन स्टडी करवाई जा रही है।

अध्यापक अपनी क्लास के बच्चों के वाट्सऐप ग्रुपों में अपने-अपने विषय की पढ़ाई करवा रहे हैं। हालांकि टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई करवाने में अध्यापक मशगूल रहते हैं, लेकिन कई बार थोड़ा रिलेक्स होते वक्त अध्यापक इकट्ठा भी बैठते हैं जिससे एक-दूसरे के मन में संक्रमण का अंदेशा बना रहता है। कई स्कूलों में तो अभी भी थर्मल स्कैनर नहीं होने की वजह से हाजिर होने वाले स्टाफ का बॉडी टेंपरेचर आदि की भी जांच नहीं हो पाती।

अलग-अलग स्कूलों के 40 स्टाफ को कोरोना
विद्यार्थियों व अध्यापक के कोरोना संक्रमित होने पर सरकार की ओर से स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया है। हालांकि 1 अप्रैल से नए सेशन की शुरुआत के साथ ही अध्यापक रूटीन में स्कूल पहुंच रहे हैं और स्टाफ के कोरोना केस भी निरंतर बढ़ रहे हैं। वर्तमान में जिले के अलग-अलग स्कूलों के लगभग 40 स्टाफ मेंबर कोरोना से जूझ रहे हैं जिनमें से कुछेक स्वस्थ भी हो चुके हैं। सरकारी स्कूल नंदगढ़ के 6, बाजक के 4, बहमन दीवाना के 10 के अलावा कालझरानी एवं अन्य स्कूलों के टीचिंग-नान टीचिंग स्टाफ भी कोरोना संक्रमित रहे।

50% स्टाफ संबंधी नहीं आई गाइडलाइंस
सरकार की ओर से भले ही सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत स्टाफ और पब्लिक डीलिंग बंद करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों में 50 प्रतिशत स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाने संबंधी अभी कोई स्पष्ट गाइडलाइंस नहीं आई है। इस बारे में तो प्रशासन के निर्देशों पर ही अमल करते हुए आधा स्टाफ का नियम लागू होगा।
इकबाल सिंह बुट्‌टर, डीईओ सेकंडरी बठिंडा

अब पूरी तरह से बंद रहेंगे सभी स्कूल
लगातार बढ़ते संक्रमण के चलते प्रशासन ने फैसला किया है कि अब स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। शुक्रवार से स्टाफ के लिए भी सभी स्कूल बंद रहेंगे।
बी श्री निवासन, डीसी, बठिंडा

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