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कोरोना का कहर:डेंगू का आंकड़ा 267 पहुंचा, 3 दिन में 27 मरीज मिले

बठिंडाएक महीने पहले
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  • वायरल बुखार होने पर सरकारी की बजाय निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को पहुंच रहे हैं लोग

कोरोना वायरस की रफ्तार कम होने के बाद सेहत विभाग की तरफ डेंगू की टेस्टिंग बढ़ाने के लिए तैयारी की जा रही है। सिविल सर्जन बठिंडा डॉ. अमरीक सिंह संधू का कहना है कि अस्पताल की ओपीडी में तैनात मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को कहा गया है कि अस्पताल में आने वाले बुखार और वायरल के मरीजों के अन्य टेस्ट के साथ डेंगू के टेस्ट भी करवाए जाएं।

वर्तमान में जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 276 है, जबकि 22 अक्टूबर को मरीजों की संख्या 240 थी। मात्र तीन दिन में 27 मरीज बढ़े हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन 7 से 5 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है। अब लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। एंटी लारवा टीम की ओर से अब तक 125 डेंगू का लारवा बरामद कर नष्ट किए गए।

मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड व डेंगू वार्ड बनाया

अस्पताल प्रशासन की ओर से डेंगू व वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों को दाखिल करने के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड व डेंगू वार्ड बनाया गया है। उक्त वार्डों में इन दिनों डेंगू से पीड़ित 7 व वायरल फीवर के 9 मरीज दाखिल हैं। प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल मरीजों को भी इसमें जोड़े तो ये आंकड़ा 500 से ऊपर हो सकता है।

अधिकतर मरीजों को थकान और शरीर टूटने की शिकायत आ रही है। बता दें डेंगू के टेस्ट अभी प्राइवेट अस्पताल में ज्यादा हो रहे हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल में डेंगू का एलाइजा टेस्ट किया जाता है। वह भी सप्ताह में मात्र दो दिन, रिपोर्ट भी देरी से मिलती है। वहीं प्राइवेट लैब व अस्पतालों में कार्ड द्वारा टेस्ट किए जाते हैं। जिसकी रिपोर्ट भी कुछ ही देर में मिल जाती है। ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट में यह बात सामने निकल कर आ रही है कि वायरल बुखार की वजह से 10 मरीजों के पीछे 7 मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं।

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