घोटाला:बुढ़ापा पेंशन घोटाले की रिकवरी को तीसरी बार नोटिस भेजने की तैयारी में विभाग

संजय मिश्रा | बठिंडा2 वर्ष पहले
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  • आपत्ति से जुड़े सबूत जमा कराने के लिए मिलेगा 15 दिन का समय

बुढ़ापा पेंशन घोटाले में रिकवरी तेज करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 5 मेंबरी कमेटी बनाई गई है। रिकवरी की प्लानिंग कमेटी में अलग-अलग विभागों के 5 अधिकारी शामिल हैं।

बठिंडा में 8762 लोगों ने गलत दस्तावेज देकर बुढ़ापा पेंशन लगवाई थी। उक्त डिफाल्टरों से करीब 17 करोड़ रुपए रिकवरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का मानना है कि दिल्ली में चल रहे कृषि कानून के खिलाफ धरने के कारण रिकवरी में दिक्कत आने का कारण माना जा रहा है। विभाग द्वारा डिफाल्टरों को अब तीसरी बार नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसके तहत आंगनबाड़ी, सीडीपीओ और पंचायत लेवल पर बीडीपीओ को घोटालेबाजों से संपर्क करने व उनके घर नोटिस पहुंचाने और रिकवरी कराने की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है।

विभाग से मिली जानकारी अनुसार सरकारी निर्देशों पर घोटालेबाजों को आपत्ति से जुड़े सबूत जमा कराने के लिए 15 दिन का समय देते हुए तीसरी बार नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी की ओर से करीब 3 माह पहले नोटिस भेज कर रिकवरी प्रक्रिया शुरू की गई थी।

3 माह में मात्र 50 लोगाें ने ही घोटाले की राशि वापस की
करीब 3 माह के अंतराल में मात्र 50 लोग ही जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर घोटाले की राशि वापस की है। इन लोगों ने माना कि गलत एड्रेस लिखकर और उम्र कम बताकर या फिर आमदन कम दिखाकर पेंशन का लाभ लिया है। इसलिए लोगों ने रिकवरी नोटिस के साथ ड्राफ्ट बनवाकर विभाग को सौंप दिया है। फिलहाल इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं करीब 15 से 20 लोगों ने कमेटी के पास लाभपात्री होने संबंधी दस्तावेज पेश किए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। विभाग के अधिकारियों अनुसार यदि कोई कागजात गलत तरीके से तैयार करवाया पाया गया तो संबंधित शख्स के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। जिले में पिछली अकाली-भाजपा सरकार के दौरान गलत तरीके से उम्र, आय व जायदाद वगैरह छिपाकर पेंशन लेने वाल करीब 8762 लोगों से तकरीबन 17 करोड़ रुपए की रिकवरी की जानी है। अभी तक मात्र 50 लोगों ने ही रकम वापस की है। अब फिर से नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है।

जिले के 8762 लोगों से होनी है 17 करोड़ रिकवरी
2014-15 में उस समय की सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा विभागीय अफसरों की मिलीभगत से हजारों की संख्या में अयोग्य लोगों काे बुढ़ापा पेंशन लगवाई गई थी। इसकी जांच साल 2017 में कैप्टन सरकार के द्वारा कराई गई तो राज्य 162 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर हुआ था। बठिंडा जिले के करीब 8762 लोगों ने गलत दस्तावेज पेशकर करीब 17 करोड़ रुपए का घोटाला किया था। जुलाई माह में रिकवरी करने के नोटिस जारी करने के आदेश दे दिए थे।

15 दिन में मांगे गए कागजात जमा कराने होंगे
जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (डीएसएसओ) डॉ. तेअवासप्रीत कौर ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के बाद जिन लोगों ने आपत्ति जताई थी, उन्हें सबूत जमा कराने के लिए 15 दिन का समय देते हुए दोबारा नोटिस जारी किए करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आय छिपाने वालों को उस समय क्या इनकम थी? इसका सबूत देना होगा, जायदाद छिपाने वालों को पटवारी से प्रॉपर्टी की वेरीफिकेशन करवाकर देनी होगी। उम्र से संबंधित दस्तावेज देने होंगे।

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