कम खर्च में बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर:शिक्षा के मिशन में न आए रुकावट, 3 बार नहीं ली प्रमोशन, 500 स्कूलों ने अपनाए उनके मॉडल

बठिंडा8 महीने पहले
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  • कॉन्वेंट जैसी पढ़ाई कर रहे सरकारी स्कूल के बच्चे, शिक्षक ने बदली नुहार

साइंस अध्यापक राजिंदर कुमार वाड़ा भाईका के सरकारी प्राइमरी स्कूल में कॉन्वेंट स्कूल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर से बच्चों को डिजिटल मल्टीमीडिया क्लास रूम स्टडी करवा रहे हैं। लगभग 10 साल पहले पंजाब का पहला स्मार्ट क्लासरूम बनाने वाले वाड़ा भाईका स्कूल की मेन एंट्री की डिजाइन ही नामवर यूनिवर्सिटी की भांति है जबकि स्कूल में नन्हे बच्चे आधुनिक लिसनिंग मैथडोलॉजी व एक्टिविटीज से खेल-खेल में पढ़ाई करते हैं। शिक्षा को

मिशन बनाने के जुनूनी राजिंदर कुमार अपने कार्यकाल में अब तक मिली तीन बार प्रमोशन को त्याग कर प्राइमरी स्कूल को ही कर्मभूमि बनाने में जुटे हैं। उनके स्कूल के मॉडल को राज्य के 500 स्कूलों में लागू किया गया। बीते साल 5 दिसंबर को अध्यापक दिवस पर राजिंदर कुमार को नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका हैै।

स्कूल को दिलाई देश-विदेश में पहचान

एमएससी बीएड शिक्षित राजिंदर कुमार व उनकी धर्मपत्नी हरिंदर कौर ने 2008 में वाड़ा भाईका के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बतौर प्राइमरी अध्यापक जॉइन किया। दोनों पति-पत्नी खुद ही जल्दी स्कूल में आकर झाड़ू लगाते। गुणात्मक शिक्षा के लिए स्कूल का कायाकल्प करते हुए पंजाब का सबसे पहला स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किया। प्राइवेट स्कूलों की तरह कोट, पैंट व टाई वाले विद्यार्थियों का यह पंजाब का पहला स्कूल बना। वर्तमान में आसपास के 7 गांवों के 300 बच्चे एजुकेशन लेने आते हैं।

कम खर्च में बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर...अभिभावकों से चंदा इकट्ठा करने की बजाय गांव के पलंबर, राजगीर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर कारीगर की टीम ने कम खर्च में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया। स्कूल में बैंच, ब्लैक बोर्ड, कमरे, पीने के पानी का प्रबंध, पाखाना व रसोई आदि बने। राजिंदर कुमार ने गांव के हुनरमंद लोगों का सहयोग लिया और लो कास्ट यानी कम कीमत वाला टीचिंग मैटीरियल तैयार भी करवाया।

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