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मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी:वातावरण प्रेमी किसान ने 2009 से नहीं लगाई धान की पराली को आग

बठिंडा5 दिन पहले
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गांव रामपुरा के ऊंची सोच के मालिक किसान दर्शन सिंह 35 एकड़ रकबे में धान, आलू व मक्की की खेती करता है। खास बात तो यह है कि इस अग्रणी किसान ने साल 2009 से धान की पराली को कभी आग नहीं लगाई। इस किसान ने धान की फसल की कटाई सुपर एसएमएस वाली कंबाइन के जरिए करवाई जाती है। इसके बाद पराली को चौपर से कुतरा करके, एमबी पलाओ से मिट्टी में मिला दिया जाता है। ब्लॉक खेतीबाड़ी अफसर

रामपुरा डॉ. धर्मेंद्र जीत सिंह ने कहा कि अग्रणी किसान दर्शन सिंह के अनुसार उसने साल 2020 से धान वाट पर लगाना शुरू किया है। इससे जहां पानी की बचत हो रही है, वहीं झाड़ में कोई कमी नहीं आई है। उसने 2016 से आलुओं की बिजाई भी बैड प्लांटेशन के जरिए की जा रही है जिससे जहां 33 प्रतिशत झाड़ में बढ़ोतरी हुई है, वहीं जमीन की उपजाऊ शक्ति भी दोगुणा हुई है। दर्शन सिंह ने जिले के किसानों से अपील करते कहा कि वह अपनी धान की पराली, नाड़ को खेत में ही बिछाने से जहां मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, वहीं पानी की बचत भी होगी।

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