ज्ञापन सौंपा / सीबीआई या हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज से करवाएं बीज घोटाले की जांच : मलूका

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  • राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 07:15 AM IST

बठिंडा. पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का कहना है कि लुधियाना बीज स्कैंडल की सीबीआई अथवा हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच करवाई जाए। वीरवार को मलूका ने पंजाब के राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपकर बीज स्कैंडल की उच्च स्तरीय जांच व किसानों से धोखा करने वाले आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि बड़े घोटाले के आधार पर गंभीर धाराएं लगानी चाहिए थी लेकिन जानबूझ कर एशेंसियल कमोडिटीज एक्ट 1955 की धारा 2, 3, 7 तथा सीड्स कंट्रोल आर्डर 1983 की धारा 3 व आईपीएस की धारा 420 के अधीन केस दर्ज किया गया। वहीं सिर्फ बराड़ सीड्स स्टोर लुधियाना पर एफआईआर दर्ज कर दी जबकि जिस फर्म करनाल एग्री सीड्स गांव वैरोके डेरा बाबा नानक से नकली बीज खरीदा गया, उसके खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

पुलिस व खेतीबाड़ी विभाग को करनाल एग्री सीड्स पर रेड करके फैक्ट्री को सीज किया जाना चाहिए था तथा प्रदेश के तमाम सीड्स स्टोरों की चेकिंग करके जाली किस्म के बीज कब्जे में लेने चाहिए। थोड़े समय में बड़ी मात्रा में दोनों बीज मल्टीप्लाई करके तैयार करना किसी वैज्ञानिक तरीके के बिना संभव नहीं, दोनों किस्मों के नाम पर की गई मिलती-जुलती वैरायटी को नए थैलों में पैक करके किसानों को 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल बेचा।

उन्होंने कहा कि लुधियाना के मुख्य खेतीबाड़ी अफसर की टीम ने पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना के गेट नंबर 1 के सामने बराड़ सीड्स स्टोर की चेकिंग करके धान की किस्म पीआर 128 के 30 किलो वजनी 185 थैले, 5 किलो वजन वाले 5 तथा 10 किलो वाले 67 थैली बरामद किए। इसी तरह धान की किस्म पीआर 129 के 5 किलो वजनी 30 तथा 10 किलो वजन वाले 39 थैली भी पकड़े गए। स्टोर में अन्य गैर कानूनी बीज भी बरामद हुए। मुख्य खेतीबाड़ी अफसर लुधियाना के अनुसार 750 क्विंटल नकली बीज बरामद हुआ।

सिकंदर सिंह मलूका ने सवाल उठाया कि धान की दोनों नई किस्में पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी लुधियाना ने खरीफ 2020-21 सीजन के दौरान किसानों को सिर्फ अपने कृषि विज्ञान केंद्रों में 70 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी गई। हालांकि पीएयू की ओर से स्पष्ट हिदायतें हैं कि इन किस्मों का बीज कृषि विज्ञान केंद्र के अलावा किसी भी संस्था अथवा स्टोर के पास नहीं तथा न ही किसी को बेचने की इजाजत है।

हैरानी की बात तो यह है कि लुधियाना की बराड़ सीड्स स्टोर के पास दोनों किस्में बिना किसी अनुमति बेची गई बल्कि किस्मों को 200 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल बेचा और बेहिसाब मुनाफा कमाया। उन्होंने अंदेशा जताया कि यह नकली बीज आंध्रप्रदेश से तैयार करवाया गया है। मलूका ने राज्यपाल को आगाह किया कि प्रदेश के खजाने को 5600 करोड़ का घाटा पड़ा है।

लॉकडाउन में रेत माफिया को फायदा पहुंचाने को 11 मई को लिखित पत्र के जरिए पंजाब के रेत के ठेकेदारों को करीब 26 करोड़ रुपए के मालिया को घटाकर 4 करोड़ 85 लाख रुपए प्रति महीना किया। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से भेजी गई आटा व दाल के वितरण में भी बहुत घपला किया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

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