पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

निराशाजनक घटना:बेबसी- कोरोना के इलाज को 5 सरकारी अस्पताल,पर ब्लैक फंगस काे 1 भी नहीं

बठिंडा25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • लगातार बढ़ रहा ब्लैक फंगस का खतरा, चंद दिनों में 45 लोग हुए शिकार

लोगों को अभी कोरोना के कहर से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिल सकी है, अब मयूक्रमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस ने पंजाब के लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। बठिंडा में 15 मई को शहर में पहले ब्लैक फंगस के केस की पुष्टि हुई थी जिनका आप्रेशन पीजीआई में हुआ था तथा मात्र 14 ही दिनों में ब्लैक फंगस ने अपनी उपस्थिति को मजबूत करना शुरू कर दिया है तथा शनिवार को ब्लैक फंगस के दो नए केस की पुष्टि होने के बाद एक मरीज का यह आंकड़ा बढ़कर 45 जा पहुंचा है। जिसमें 25 मरीज बठिंडा जिले के निवासी हैं, जबकि बाकी 20 लाेग दूसरे जिलों से यहां इलाज करवा रहे हैं तथा दो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

अब जब बात इलाज की हो ही रही है तो आपके लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि जहां 57 कोरोना अस्पतालों में 5 सरकारी अस्पतालों में इलाज उपलब्ध था, वहीं ब्लैक फंगस के केस में हालात बेहद पेचीदा हैं। आलम यह है कि बठिंडा में एक भी सरकारी अस्पताल में ब्लैक फंगस का इलाज उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीज प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज करवाने को मजबूर हैं। आलम यह है कि बठिंडा में ब्लैक फंगस के बढ़ते केसों के बीच सरकारी सिविल अस्पताल के पास इस बीमारी के इलाज की कोई स्ट्रैटजी नजर नहीं आ रही है तथा हालात यह थे कि कुछ दिनों पहले तक सरकार के रिकार्ड में मात्र 3 ब्लैक फंगस के केस रिकार्ड थे जबकि जिले में 25 मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवा रहे थे। गौरतलब है कि पंजाब में लुधियाना और पटियाला के अलावा अन्य किसी जगह इसका इलाज व आवश्यक उपकरण तथा एक्सपर्ट डाक्टर मौजूद नहीं हैं।

कोरोना के बीच फंगस की फांस टीम तो बनी पर सुविधाएं नहीं

बठिंडा में इस समय कोरोना के मरीजों व मौतों का आंकड़ा बेहद अधिक गया है। जहां अप्रैल से पहले तक बेहद कम केस थे, वहीं अप्रैल व मई 2021 यानी दाे माह में ही कोरोना मरीजों का आंकड़ा 11463 से बढ़कर 38541 हो गया यानी की दो माह में 27078 कोरोना पॉजिटिव केस रिकार्ड हुए। कोरोना संक्रमितों के इस भारी भरकम आंकड़े में अधिकांश लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए दाखिल रहे तथा बेहद कम संख्या में ही लाेग इलाज को सिविल अस्पताल पहुंचे। काफी लोगों के वेंटीलेटर व घरों में ऑक्सीजन लेने के दौरान सफाई के अभाव में हालात यह हो गए हैं कि कोरोना से ठीक हुए लोगों में ब्लैक फंगस ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी है। वर्तमान में हालात यह हैं कि 45 मरीजों में 25 मरीज जिला बठिंडा से संबंधित हैं जबकि दूसरे जिलों के 20 मरीज इस समय बठिंडा में दाखिल हैं तथा इन सभी लोगों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। सरकारी अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं होने पर लोग प्राइवेट के साथ-साथ पीजीआई आदि का रुख कर रहे हैं।

हालांकि ब्लैक फंगस का केस सामने आने पर बठिंडा एम्स अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस बीमारी से पीड़ित मरीजों के इलाज संबंधी टीम का गठन तो किया गया, लेकिन वहां इलाज संबंधी कोई सुविधा अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक्सपर्ट टीम उपलब्ध नहीं : सिविल सर्जन

जिले में अब तक मयूक्रमाइकोसिस के 45 मरीज सामने आए हैं, इसमें 25 मरीज बठिंडा जिले से संबंधित हैं। उक्त बीमारी से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एक्सपर्ट टीम अभी उपलब्ध नहीं है। इसमें न्यूरो एक्सपर्ट, ईएनटी व आई सर्जन की मुख्य भूमिका होती है। न्यूरोसर्जन नहीं होने के कारण इस बीमारी का इलाज अभी संभव नहीं है।

डा. तेजवंत सिंह ढिल्लों, सिविल सर्जन, बठिंडा

खबरें और भी हैं...