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ऐसे भीड़ जुटाकर हराएंगे कोरोना!:बठिंडा में हर रोज कोरोना नित नए पायदान पर कदम रखते हुए ऊपर की तरफ बढ़ रहा

बठिंडाएक महीने पहले
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बठिंडा में हर रोज कोरोना नित नए पायदान पर कदम रखते हुए ऊपर की तरफ बढ़ रहा है। जिस शहर व जिले में कोरोना के केस जीरो तक आ गए थे, आज वहां 22 मार्च 2020 को लॉकडाउन लगने से लेकर अब तक पहली बार 4 अंकों में यानी 1043 केस आने व कुल 467 मौतें होने के बाद हालात किस तरह भयावह हैं, समझा जा सकता है।

कोरोना की इस तेज रफ्तार को रोकने के लिए सरकार ने बाजार बंद करने का निर्णय लिया तो दुकानदार प्रदर्शन पर उतर आए। ऐसे में डीसी बठिंडा बी. श्रीनिवासन ने शुक्रवार 6 मई से बाजार को दो समय पर खुलने को प्रस्तावित कर सुबह 6 से 10 बजे तथा 10 से 2 बजे तक खोलना निर्धारित कर दिया, लेकिन इन आदेशों की मानने की बजाए करियाणा, दूध, ब्रेड, फल व सब्जी विक्रेता सुबह 6 बजे दुकानें खोलने जरूर पहुंच गए। इनमें से अधिकांश ने दोपहर 2 बजे दुकानों को बंद किया मानो वह सरकार को मुंह चिढ़ा रहे हों कि वह दुकानें खोलने में कामयाब हो गए।

शुक्रवार को जब दोपहर को 2 बजे दुकानें बंद करने का समय हुआ तो मानो पूरा शहर की घर जाने को एक ही समय पर सड़कों पर उतर आया। इससे शहर की मुख्य सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। पुलिस की सख्ती के डर से अब लोग मास्क तो लगा रहे हैं लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग अब भी गायब है। वीकेंड पर दो दिन लॉकडाउन है लेकिन बाकी के पांच दिन अगर इसी तरह से सड़कें जाम होती रहीं तो कोरोना को फैलने से कैसे प्रशासन रोक पाएगा, विचारणीय प्रश्न है। हमारे सहयोग के बिना कोरोना संक्रमण को रोक पाना असंभव है। अगर हम इसी तरह लापरवाह बने रहे तो वह दिन दूर नहीं जब सड़कों पर फिर से सिर्फ सन्नाटे का राज होगा।

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