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मेयर को ज्ञापन:मेयर को अपनी सरकार के निर्णय पर पार्षद जगरूप गिल व सुखदीप ढिल्लों का ज्ञापन

बठिंडाएक महीने पहले
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मेयर रमन गोयल को ज्ञापन सौंपते जगरूप गिल व सुखदीप ढिल्लों। - Dainik Bhaskar
मेयर रमन गोयल को ज्ञापन सौंपते जगरूप गिल व सुखदीप ढिल्लों।
  • पानी-सीवरेज बिलों में वृद्धि, मेंटनेंस व प्रॉपटी टैक्स पर चर्चा की मांग

मेयर पद के चयन में लोकल कांग्रेस लीडरशिप पर अनदेखी करने व शराब व्यवसाय में जुड़ाव को लेकर दिए बयानों को लेकर चर्चा में आए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कैप्टन परिवार के बेहद करीबी वार्ड 48 के पार्षद जगरूप गिल ने निगम चुनाव के बाद शहर में ठंडी पड़ी राजनीति को पहले झटके की शुरूआत कर दी है।

एक तरफ जहां विपक्ष शिअद व भाजपा मुद्दों को छू तक नहीं पा रहे हैं, वहीं उन्होंने अपनी ही कांग्रेस सरकार द्वारा 50 गज से ऊपर मकानों पर पानी-सीवरेज बिल लागू करने, त्रिवेणी को पानी व सीवरेज की मेंटनेंस को वापस नहीं लेने व कोरोना के कठिन समयकाल में वित्तमंत्री के बयानों के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स में छूट नहीं देने को लेकर सवाल उठाते हुए इनको एजेंडे में लाने को लेकर फ्रंट खोल दिया है।

वीरवार को वार्ड 2 के साथी पार्षद व भांजे एडवोकेट सुखदीप ढिल्लों सहित मेयर रमण गोयल को ज्ञापन देते हुए उन्होंने इन मुद्दों पर सदन में लाने की मांग की है। ऐसे में जब भी हाउस की पहली मीटिंग होगी, मुद्दे ज्वलंत रहने वाले होंगे, इसका आभास पहले ही हो गया है। ये मुद्दे सीधे वित्तमंत्री मनप्रीत बादल की राजनीति को प्रभावित करेंगे। गौरतलब है कि पार्षद जगरूप गिल ने जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन पद से इस्तीफा देकर निगम चुनाव लड़ा तथा मेयर पद के टॉप दावेदारों में उनका नाम शामिल था।

गिल बोले, 50 गज से ऊपर वसूली से गरीबों पर बोझ
पार्षद जगरूप गिल ने कहा कि नगर निगम ने पानी और सीवरेज की बढ़ी हुई दरों को 14 फरवरी को लागू कर दिया जबकि कर लगाने या राहत प्रदान करना नगर निगम का विशेषाधिकार है। ऐसे में इस मामले में नगर निगम हाउस के अस्तित्व में आने के लिए इंतजार करना चाहिए था, लेकिन इसे बहुत जल्दी लागू कर दिया गया जिससे 15 हजार गरीब परिवारों पर करीब 60 लाख का बोझ बढ़ गया है। जहां पहले ही आमजन कोरोना में मंदी से बुरी तरह पीड़ित है, ऐसे में वह इस पैसे का भुगतान कैसे करेंगे, किसी ने सोचना जरूरी नहीं समझा।

वहीं ज्ञापन में उठाए दूसरे मुद्दे में उन्होंने निगम के गले की फांस बने त्रिवेणी कंपनी से 100 फीसदी सीवरेज व पानी की व्यवस्था को वापस लेने को वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को पुन वायदा याद दिलाया है। उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के समय वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने पार्षदों की एक बैठक में कहा था कि त्रिवेणी से 100 फीसदी पानी-सीवरेज प्रोजेक्ट का काम वापस लेकर निगम को सौंपा जाएगा। उन्होंने उस समय विपक्ष के नेता के रूप में उच्च अधिकारियों से इस संबंध में कार्रवाई करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी तरह की अगर कोई कार्रवाई हुई है तो वह सदन में रखी जाए।

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