अस्पताल की सेहत भी खराब:दो माह से डॉक्टर नहीं, फिजियोथैरेपी यूनिट बंद

बठिंडा9 महीने पहले
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बंद पड़ी फिजियोथैरेपी यूनिट। - Dainik Bhaskar
बंद पड़ी फिजियोथैरेपी यूनिट।
  • सिविल अस्पताल में सुविधा बंद, मरीज प्राइवेट फिजियोथैरेपी करवाने काे मजबूर हाे रहे

सिविल अस्पताल में स्थित फिजियोथैरेपी यूनिट पिछले करीब दो माह से बंद है। इस कारण बाहर के प्राइवेट फिजियोथैरेपी वाले इसका पूरा लाभ उठा रहे हैं। मरीजों को महंगे दामों में इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

फिजियोथैरेपी यूं तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति मानी जाती है, लेकिन भारत में सदियों से चले आ रहे मालिश व कसरत के नुस्खे का ही यह मिला-जुला रूप है। मानसिक तनाव, घुटनों, पीठ या कमर में दर्द जैसे कई रोगों से बचने या निपटने के लिए बिना दवा खाए या चीरा लगवाए फिजियोथैरेपी एक असरदार तरीका है।

मौजूदा समय में अधिकांश लोग दवाइयों के झंझट से बचने के लिए फिजियोथैरेपी की ओर रुख कर रहे हैं। सिविल अस्पताल के फिजियोथैरेपी यूनिट में हर रोज 15 मरीज इलाज करवाने के आते हैं। एक माह में यह आंकड़ा चार सौ के करीब है। पिछले दो माह से फिजियोथैरेपी यूनिट डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण बंद है। जिससे मरीजों को फिजियोथैरेपी उपलब्ध नहीं हो रही है।

सिविल अस्पताल में फीस 30 रुपए प्राइवेट सेंटर में 200 से अधिक

सिविल अस्पताल में एनसीडी क्लीनिक के नजदीक करीब 10 वर्ष पहले पूर्व राज्य सरकार द्वारा फिजियोथैरेपी यूनिट का शुभारंभ किया गया था। जहां विभाग की ओर से फिजियोथेरेपी माहिर डाॅ. बलविंदर सिंह को तैनात किया गया, लेकिन पूर्व सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विभाग की ओर से डाक्टर बलविंदर सिंह का ट्रांसफर गांव बादल में कर दिया गया है। किसी भी डॉक्टर को तैनात करने की बजाए फिजियोथेरेपी यूनिट को ताला लगाकर पूर्ण तौर पर बंद कर दिया गया।

लंबे समय के बाद फिजियोथैरेपी यूनिट में ऑक्यूपेशनल थैरेपी माहिर डा. वैशाली ने ज्वाइन किया, लेकिन करीब 1 वर्ष तक उक्त यूनिट में सेवा देने के बाद, डा. वैशाली भी यहां से चली गई। सिविल अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए अाए कोटशमीर वासी जगदेव सिंह, कृष्ण लाल, लाल सिंह नगर वासी बृजमोहन, केशव दास व अन्य बताया कि वह जोड़ों के दर्द से पीड़ित हैं। जोड़ों के दर्द व सर्वाइकल आदि में हड्डी वाले डाक्टर भी कसरत व फिजियोथेरेपी करवाने का सलाह देते हैं। अब बाजार से फिजियोथैरेपी करवाने पर 200 से 300 रुपए तक अदा करने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में फिजियोथैरेपी की फीस मात्र 30 रुपए निर्धारित की गई है।

स्टाफ की मांग की है

सिविल अस्पताल एसएमओ डा. मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि फिजियोथैरेपी यूनिट लंबे समय तक बंद थी, कोरोना संक्रमण शुरू होने से पहले ऑक्यूपेशनल थैरेपी माहिर डा. वैशाली ने ज्वाइन किया था, लेकिन कोरोना संकट होने के कारण फिजियोथैरेपी यूनिट भी बंद कर दिया गया था। इसी बीच डा. वैशाली ने भी नौकरी छोड़ दी। जिसके चलते यूनिट बंद है। सरकार व विभाग को माहिर डाक्टर व स्टाफ के लिए डिमांड भेजी गई है।

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