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मौसम:टुकड़ों-टुकड़ों में शहर को भिगो रही बारिश सीवरेज की लचर व्यवस्था से डूबी सड़कें

बठिंडाएक महीने पहले
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  • रविवार को चंद मिनटों में 5 से 7 एमएम बारिश के बाद सोमवार को 0.8 एमएम बरसात

बठिंडा में सावन के दौरान भले ही तेज बारिश शहर में जलभराव का कारण बन रही हो, लेकिन भादों में शहर में अलग-अलग हिस्सों में टुकड़ों में बारिश के बावजूद शहर के कई महत्वपूर्ण एरिया में पानी भर गया। हैरानीजनक बात तो यह है कि जहां रविवार को चंद मिनटों में हुई 5 से 7 एमएम बारिश से 100 फीट व अन्य सड़कें डूब गईं।

वहीं सोमवार को बठिंडा में सोमवार को मात्र 0.8 एमएम (शहर में थोड़ी अधिक हो सकती है) रिकार्ड हुई बारिश के बावजूद सड़कों पर जलभराव ने शहर की सीवरेज व्यवस्था की पोल खोल दी तथा सीवरेज व्यवस्था संभाल रही त्रिवेणी के कामकाज पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया, जिन पर पहले अकाली-भाजपा व कांग्रेस पार्षद सवाल उठाते रहे हैं। हालात खराब देख वित्तमंत्री मनप्रीत बादल तक त्रिवेणी से एमओयू करार रद्द करने की बात कह चुके थे, लेकिन एमओयू की शर्तों से निर्णय टाल दिया गया। रविवार की बारिश से 100 फीट रोड के अलावा शहर के कई अन्य हिस्से जलमग्न हो गए।

राजिंदर कालेज व शहर के कई अन्य इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो होने की शिकायतें

मानसून के दौरान 70 एमएम बारिश के विपरीत 5 अगस्त को 9.6 एमएम तथा रविवार को करीब 5 से 7 एमएम तो सोमवार को रिकार्ड नामात्र 0.8 एमएम बारिश के बावजूद शहर में जलभराव जैसे हालात पैदा हो गए, जिससे वाहन चालकों को बेहद परेशानी हुई। हालांकि शहर में जलभराव के लिए प्रसिद्ध सिरकी बाजार में इस बार तेजी से पानी की निकासी कर दी गई।

लेकिन शहर के दूसरे हिस्से इतने भाग्यशाली नहीं रहे तथा 100 फीट रोड, भट्‌टी रोड, वीर कालोनी, अमरीक सिंह रोड, गुरु गोबिंद सिंह नगर व ग्रीन पैलेस रोड आदि जगहों पर भी जलभराव हुआ जबकि राजिंदर कालेज व शहर के कई अन्य इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो होने की शिकायतें भी सामने आईं। शहर में सभी जगह तेज बारिश नहीं होने के बावजूद जलभराव से लोग भी हैरान हैं।
शहर में अधूरी सीवरेज व रोड जालियों की सफाई
कोरोना की वजह से मई व जून में जाकर शुरू हुई सीवरेज व रोड जालियों की डिस्लिटिंग का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। जहां सीवरेज डिस्लिटिंग का काम त्रिवेणी के हवाले है, उनके द्वारा इस बार सुपर सक्कर मशीन नहीं लाने से मेन लाइनों की सफाई का काम अधूरा ही पड़ा है जिससे रोड पर पानी की निकासी सीवरेज लाइनों में गार होने से हो रही है जिसे निगम व सीवरेज बोर्ड के अधिकारी भली-भांति जानते हैं।

वहीं शहर में करीब 21 हजार रोड जालियों में त्रिवेणी करीब 2500 तथा बाकी रोड जालियों की सफाई की जिम्मेदारी निगम के हवाले है, लेकिन रोड जालियों में सीवरेज से कनेक्ट होने वाली सभी पाइपों की सफाई नहीं होने से रोड जालियों के बॉक्स से मिट्‌टी निकालने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सीवरेज की अव्यवस्था से कांग्रेस नेता भी नाराज हैं, लेकिन उनकी नाराजगी भी सुधार लाने में कामयाब नहीं है। वहीं निगम ने अपने खर्च पर हाल ही में सुपर सक्कर मशीन से बड़ी लाइनों की सफाई शुरू की है।

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