कोर्ट / गर्मी की छुट्टियां रद्द, अब पूरे जून खुलेंगी अदालतें

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  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस दायर होने से लेकर सुनवाई तक की प्रक्रिया जारी रहेगी

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:10 AM IST

बठिंडा. (मनजीत बादल)
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी और सभी जिला अदालतों की गर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इस बार अदालत जून के पूरे महीने खुली रहेंगी। बठिंडा की सभी जिला अदालतें भी कार्यरत रहेंगी। हाईकोर्ट ने शनिवार को आदेश जारी किया है। मौजूदा व्यवस्था के तहत ही केस फाइलिंग लिस्टिंग और हियरिंग का काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होता रहेगा।

जिक्रयोग है कि हाईकोर्ट में 1 जून से 26 जून तक तथा जिला अदालतों में 1 जून से 30 जून 2020 तक गर्मियों की छुट्टियां रहती हैं। नये आदेश के मुताबिक चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की सभी अधीनस्थ अदालतों जिला अदालतों व दूसरी तमाम अदालतों में होने वाले गर्मियों के अवकाश को भी खारिज करने का फैसला लिया गया है। इन अदालतों में भी मौजूदा व्यवस्था अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केस दायर होने से लेकर सुनवाई तक की प्रक्रिया जारी रहेगी।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कोरोना इंपेक्ट के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है। जिसमें कहा गया है कोरोना वायरस के कारण अदालत की कार्रवाई में काफी देरी हो गई है। ऐसे में अदालत का काम बढ़ गया है। जिसके कारण गर्मियों की छुट्टियों को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इस बीच अर्जेंट केस की ई-फाइलिंग व वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई जारी रहेगी।

क्रिमिनल, फैमिली मैटर्स के मामले व पेंडिंग केसों की भी व्यवस्था ऑनलाइन

नये आदेशों के मुताबिक सभी मामले भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही सुने जाएंगे। आदेश में कहा गया है कि इस दौरान ज्यूडिशियल अधिकारियों के अलावा अन्य स्टाफ, एडवोकेटस, उनके क्लर्क तथा पेशीकारों को भी सख्त दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। जिसके तहत सभी को कोर्ट में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, कोर्ट कांप्लेक्स में ओवरक्राउड या भीड़ जमा नहीं होनी चाहिए, सभी को मास्क व ग्लव्स पहनना लाजमी होगा। नियमित हैंड सेनेटाइजर व सोप का इस्तेमाल जारी रखना होगा। कोरोना वायरस के चलते अदालतों का काम भी बुरी तरह से प्रभावित जिक्रयोग है कोरोना वायरस के चलते अदालतों का काम भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लॉकडाउन के बीच तक केवल अर्जेंट मैटर्स व जमानत अर्जी के मामलों की ही सुनवाई की जा रही थी, नियमित मामलों की सुनवाई ठप्प पड़ी थी। नये आदेशों के मुताबिक जो केस पहले ही फाइनल डिस्पोजल के लिए मैच्योर हैं, या अर्जेंट मैटर वाले केस जो पेंडिंग हैं और मैच्योर होने वाले है,उनकी कोर्ट में सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी। जहां कहीं पर्सनल अपीयरेंस की जरूरत है, या कोई जरूरी स्टेटमेंट करवानी है तो ऐसे हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केस कंसीडर किया जाएगा। जिनके मोटर क्लेम एक्सीडेंट ट्रिब्यून के अधीन पैसे अदालत में जमा है तो वो भी ऑनलाइन एप्लीकेशन लगाकर अपने पैसे रिलीज करवा सकते हैं। जब तक कोरोना का खतरा कम नहीं हो जाता, तब तक अदालतों को खोलने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि अदालतों में विभिन्न स्तरों पर कामकाज होता है और अदालत परिसरों में स्थानीय के अलावा दूर-दराज से आवाजाही लगी रहती है।

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