कोरोना का आतंक:कैंसर के कारण जिंदगी और मौत के मध्य जूझ रहे 250 लोगों की ओपीडी पर लटकेगी तलवार

बठिंडा6 महीने पहलेलेखक: संजय मिश्रा
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  • एडवांस कैंसर अस्पताल में बनाया कोविड आइसोलेशन वार्ड, 75 बेड का वार्ड बनेगा

बठिंडा में एक बार फिर कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए जिला प्रशासन व सेहत विभाग की और से मानसा रोड पर स्थित कैंसर अस्पताल को आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन ने कैंसर अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल में करीब 75 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं जिसमें अस्पताल प्रबंधन ने दूसरी मंजिल पर करीब 25 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार भी कर दिया है, लेकिन इस मामले में सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि कैंसर मरीजों के इलाज के दौरान उपयोग में आने वाले सभी 4 वेंटीलेटर भी आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ कैंसर अस्पताल में इलाज के लिए दूर दराज से आने वाले मरीजों को पहले ही लॉकडाउन में कई तरह की पाबंदियों व राजस्थान द्वारा बार्डर सील करने के बाद इलाज करवाने को अस्पताल बदलना भी बेहद बड़ी चुनौती बन सकता है। इसमें भी सबसे चिंताजनक बात यह है कि वीरवार से कैंसर की ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है जबकि सर्जरी आदि पहले ही बंद है।

रूटीन चेकअप और दवाइयों के भरोसे मरीज

कैंसर अस्पताल में राज्य के विभिन्न जिलों से प्रतिदिन 250 से अधिक कैंसर मरीज ओपीडी में चेकअप व इलाज के लिए पहुंचते हैं। करीब डेढ़ माह से अस्पताल में कैंसर मरीजों की सर्जरी बंद की जा चुकी है। इसके कारण अस्पताल में मरीज एडमिट नहीं किए जा रहे तथा मरीज ओपीडी के अभाव में रूटीन चेकअप व दवाइयों के भरोसे किसी तरह दिन निकाल रहे हैं। ओपीडी सेवा बंद होने से यहां रूटीन चेकअप के लिए आने वाले कैंसर मरीजों की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेहत सूत्रों के अनुसार कोरोना वायरस उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है जो पहले कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे में कैंसर अस्पताल में गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज व चेकअप की सुविधा बंद करके कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड के रूप में तब्दील करना कैंसर मरीजों की सेहत से खिलवाड़ जैसा है।

प्रतिदिन 100 मरीजों की कीमोथैरेपी रुकेगी

ग्रोथ सेंटर स्थित कैंसर अस्पताल में प्रतिदिन 5 से 6 कैंसर मरीजों का ऑपरेशन, करीब 100 मरीजों को रेडिएशन और 100 मरीजों की कीमोथैरेपी होती है। फिलहाल अभी आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह खाली है। आने वाले दिनों में यहां कोरोना वायरस के मरीजों को दाखिल किया जाएगा। जिसके चलते कैंसर मरीजों के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। इसके बारे में किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। बता दें कि कोरोना के पहले चरण में भी उक्त अस्पताल में करीब 40 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया था। वहीं वार्ड में दाखिल मरीज व इलाज के दौरान उपयोग में आने वाले उपकरणों को अस्पताल में स्थित सराय में शिफ्ट कर दिया था। परेशानी होने के कारण मरीज व परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद जिला प्रशासन के आदेश के बाद सेहत विभाग ने आइसोलेशन वार्ड को सिविल अस्पताल में शिफ्ट किया।

मरीजों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी
जिला प्रशासन के आदेश से अस्पताल में 25 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है, जो बिल्कुल अलग है। फिलहाल वर्तमान में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। मरीजों को चेकअप करवाने में परेशानी न हो, उच्चाधिकारियों से बात करके अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
डा. दीपक अरोड़ा,डायरेक्टर, कैंसर अस्पताल, बठिंडा

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