दिशानिर्देश:एक छात्र पॉजिटिव आने पर 48 घंटे, दो आए तो 14 दिन के लिए बंद होगा स्कूल

संगरूर2 महीने पहले
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संगरूर के सरकारी स्कूल में गाइडलाइन सबंधी दौरा करते डिप्टी डीइओ अमृत पाल सिद्धू। - Dainik Bhaskar
संगरूर के सरकारी स्कूल में गाइडलाइन सबंधी दौरा करते डिप्टी डीइओ अमृत पाल सिद्धू।
  • संभावित तीसरी लहर में बच्चों को बचाने को शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
  • कक्षाओं को अलग-अलग समय में सर्व किया जाएगा मिड-डे मील

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण से बचाने और रोकथाम के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश स्कूल मुखियों और जिला शिक्षा अधिकारी के लिए अलग-अलग तौर पर तैयार किए गए हैं। निर्देश के अनुसार स्कूलों में हर 100 छात्रों के बाद एक छात्र का कोविड टेस्ट होगा, जिसकी स्कूल मुखी की ओर से योजना तैयार कर सेहत विभाग के स्टाफ को भेजी जाएगी।

एक भी बच्चा कोविड पॉजिटिव आने पर 48 घंटे के लिए स्कूल को बंद कर सेनिटाइज किया जाएगा। यदि किसी भी स्कूल में 2 छात्र पॉजिटिव आ जाते हैं तो उसे 14 दिन के लिए बंद किया जाएगा। स्कूल प्रमुखों को कोरोना संक्रमण संबंधी जानकारी ई-पंजाब पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सुबह की सभा से छूूट दी गई है। इसके अलावा एक ही समय में मिड-डे मील सर्व करने की बजाय अलग कक्षाओं को अलग-अलग समय में मील सर्व किया जाएगा।

नियमों का पालन करने वाले को बेस्ट स्कूूल करेंगे घोषित
कोविड गाइडलाइन के पालन को उत्साहित करने के लिए नियमों की अच्छे ढंग से पालन करने वाली कक्षा को रोजाना स्कूल मुखी बेस्ट कक्षा घोषित करेंगे। इसका प्रचार सोशल मीडिया, स्कूूल वेबसाइट व परिजनों के सोशल मीडिया पर भी शेयर करेंगे। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से नियमों का पालन करने वाला बेस्ट स्कूूल भी घोषित किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के निर्देशों को स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा : डिप्टी डीईओ
डिप्टी डीईओ अमृत पाल सिद्धू का कहना है कि शिक्षा विभाग के निर्देशों को स्कूलों तक पहुंचाया जा रहा है। सोमवार से धीरे-धीरे सभी नियमों को यकीनी बनाया जाएगा। स्कूलों में छात्रों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के टेस्ट भी करवाए जाएंगे।

एक्सपर्ट व्यू

प्राइमरी कक्षाओं में मास्क और सेनिटाइजर लागू करना चैलेंज
जिले में 9 अगस्त तक पूरी तरह से स्कूल खुल जाएंगे। विशेषज्ञों की मानें तो स्कूल खोलने का फैसला गलत नहीं है, लेकिन गाइडलाइन का पालन बड़ा चैलेंज है। क्योंकि प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों को भी बुला लिया गया है। ऐसे में सरकार ने स्कूलों मेंक मास्क, सेनिटाइजर, हाथों को बार- बार धोना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए कक्षा इंचार्ज की जिम्मेदारी लगाई है। परंतु छोटे बच्चों को हर समय मास्क में रखना और उनके हाथों को बार- बार धोना एक चैलेंज से कम नहीं है।

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