बेमियादी हड़ताल:संगरूर डिपो की 117 बसों में से 95 नहीं चलीं, विभाग का दावा-एक दिन में 13 लाख रुपए का हुआ नुकसान

संगरूर2 महीने पहले
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  • पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी के 300 कच्चे कर्मचारियों ने की बेमियादी हड़ताल

मंगलवार से पंजाब रोडवेज पनबस व पीआरटीसी के 300 कच्चे कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे मंगलवार को संगरूर डिपो की कुल 117 बसों में 95 से अधिक बसों के चक्के जाम रहे। ऐसे में 80 में से 60 से अधिक रूटों पर बसें नहीं चलीं। पूरा दिन यात्री भटकते रहे। हड़ताल से विभाग को करीब 13 लाख रुपए का नुक्सान उठाना पड़ा। दावा किया गया है कि हड़ताल से पंजाब के 29 डिपुओं में 2200 पनबस व पीआरटीसी की बसों का चक्का जाम पड़ गया है। पंजाब रोडवेज पनबस/ पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन के राज्य नेता जतिन्द्र गिल, अवतार सिंह, डिपो प्रधान जसविंदर जस्सी व सुखजिंदर सिंह का कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारियों के संघर्ष के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 14 सितंबर को उन्हें रेगुलर करने का भरोसा दिया था। 6 अक्तूबर को परिवहन मंत्री राजा वड़िंग व 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 20 दिन में पक्का करने का वायदा किया था परंतु नया एक्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि परिवहन विभाग का कोई भी कर्मचारी पक्का नहीं होगा। बोर्ड और कार्पोरेशनों को एक्ट से बाहर रखकर सरकारी विभागों से सीधा कच्चे कर्मचारियों का नाता तोड़ने की नीति नजर आ रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण पंजाब रोडवेज की 2407 बसों में से 399 बसें ही रह गई हैं जबकि पंजाब की आबादी बढ़ कर 2 करोड़ तक पहुंच गई है। कर्मचारियों ने मांग की कि पनबस व पीआरटीसी के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पंजाब रोडवेज पनबस व पीआरटीसी में कम से कम 10 हजार नई बसें डाली जाएं, डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतन में बढ़ोतरी की जाए, नाजायज शर्तें लगाकर निकाले गए कर्मचारियों को तुरंत बहाल किया जाए।

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