पुलिस ने सड़क पर 8 फीट ऊंचे बैरिकेड लगाए:गुस्साई वर्करों ने धूरी-पटियाला बाइपास पर लगाया धरना, जाम

संगरूर9 महीने पहले
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संगरूर में सिंगला निवास के समक्ष धरना दे प्रदर्शन करतीं कुक वर्कर। - Dainik Bhaskar
संगरूर में सिंगला निवास के समक्ष धरना दे प्रदर्शन करतीं कुक वर्कर।
  • शिक्षा मंत्री निवास के समक्ष धरना देने पहुंचीं कुक वर्करों को 100 मीटर पहले ही रोका

वेतन में बढ़ाेतरी की मांग को लेकर डेमोक्रेटिक मिड-डे मील कुक फ्रंट की सदस्यों ने शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला निवास के समक्ष मुख्य सड़क पर धरना देकर डेढ़ घंटे तक यातायात ठप रखा। हालांकि कुक वर्कर शिक्षा मंत्री निवास के समक्ष जाना चाहती थीं, परंतु मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने निवास से 100 मीटर दूर 8 फीट ऊंचे बैरीकेड लगाकर वर्करों को आगे बढ़ने से रोक दिया। ऐसे में सदस्यों ने वहीं धूरी-पटियाला बाइपास पर ही धरना लगा दिया। इस दाैरान पंजाब भर से सैकड़ों सदस्यों ने बस स्टैंड से शिक्षा मंत्री निवास तक रोष मार्च कर पंजाब सरकार के विरुद्ध खूब नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कुक वर्कर को महज 1700 रुपए प्रति माह ही वेतन दिया जा रहा है। करीब डेढ़ घंटे बाद नायब तहसीलदार केके मित्तल ने सदस्यों से मांगपत्र लेकर सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सदस्यों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर डेमोक्रेटिक मिड-डे मील कुक फ्रंट की राज्य प्रधान हरजिन्दर कौर लोपे ने कहा कि शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला व विभाग के उच्चाधिकारियों ने फ्रंट के साथ बैठक कर उन्हें आश्वासन दिलाया था कि उनका वेतन दोगुणा किया जाएगा, परंतु अभी तक वादे को पूरा नहीं किया गया है।

हरियाणा की तर्ज पर वेतन देने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब को छोड़कर दूसरों राज्यों में मिड-डे मील कुक को वेतन काफी अधिक मिल रहा है। हरियाणा में 4500, केरला में 9 हजार, तमिलनाडु में 6500 रुपए माह वेतन पूरा वर्ष दिया जा रहा है। वह हरियाणा की तर्ज पर वेतन 4500 रुपए करने की मांग कर रहे हैं, परंतु पंजाब सरकार उनकी मांग को गंभीरता से न लेकर उनके साथ बेइंसाफी कर रही है, जिस कारण वह सड़काें पर उतरने को मजबूर हुई हैं।

पंजाब में 40,000 वर्कर तैनात| फ्रंट की ओर से दावा किया गया है कि पंजाब में 40,000 और संगरूर जिले में 3000 से अधिक कुक वर्कर तैनात हैं। ऐसे में कम वेतन के चलते 40,000 हजार परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य मांगें- मिड-डे मील कुक की सेवाओं को कम से कम वेतन कानून के अधीन लाकर वेतन में बढ़ाेतरी की जाए। उनकी छुट्टियां निश्चित की जाएं, दो माह का काटे जाने वाला वेतन बंद किया जाए। मिड-डे मील कुक का कम से कम दो लाख का बीमा किया जाए। 25 बच्चों पर एक कुक, 100 बच्चों में दो, जबकि अगले 100 बच्चों पर एक-एक कुक रखने का नियम बनाया जाए। बच्चों की गिनती कम होने के आधार पर पिछले 10 वर्षों से काम कर रही कुक को स्कूलों से निकालना बंद किया जाए। 12वीं पास कुक को ब्लॉक दफ्तरों में सहायक मैनेजर के तौर पर तरक्की दी जाए आदि मांगें शामिल हैं।

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