निरीक्षण किया:किसानों से अपील-हैपी सीडर से करें गेहूं की बिजाई,पैदावार भी होगी ज्यादा

संगरूरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • भारतीय कृषि खोज परिषद के डायरेक्टर ने गेहूं की बिजाई का किया निरीक्षण

भारतीय कृषि खोज परिषद के जोन-1 लुधियाना के डायरेक्टर डॉ. राजबीर सिंह बराड़ ने कृषि विज्ञान केन्द्र खेड़ी द्वारा इन सीटू पराली प्रबंधन स्कीम के तहत जिले के विभिन्न गांवो में पराली को खेत में संभालकर गेहूं व आलू की बिजाई की प्रदर्शनियों का निरीक्षण किया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केन्द्र खेड़ी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. मनदीप सिंह भी मौजूद थे। डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव मरदखेड़ा में जगजीत सिंह जग्गी, रमनदीप सिंह व गुरविंदर सिंह के खेतें में पराली की संभाल के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीक का जायजा लिया और किसानों के साथ विचार-विमर्श किया।

उन्होंने बताया कि जगजीत सिंह पिछले चार साल से केवीके खेड़ी की प्रेरणा से पराली को बिना आग लगाए गेहूं की बिजाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि धान की पराली को आग लगाए बिना हैपी सीडर से गेहूं की बिजाई करने से गेहूं का झाड़ नहीं कम होता। इस तरीके से बीजी गेहूं गिरती भी नहीं है और दाना भी मोटा बनता है। खेत में पराली मिलाने से नदीन भी नामात्र पैदा होते हैं। उन्होंने बताया कि जगजीत सिंह इस साल भी 20 एकड़ रक्बे में हैपी सीडर व सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई कर रहा है। इसी तरह रमनदीप सिंह व गुरविंदर सिंह करीब 40 एकड़ रकबे में धान की पराली को खेतों में मिलाकर आलूओं की बिजाई कर रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों को अपील की कि पराली को खेतों में ही मिलाकर संभाला जाए ताकि वातावरण को दूषित होने से बचाया जा सके।

खबरें और भी हैं...