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  • As Soon As The Education Minister Changed, The Sound Of Slogans Started Slowing Down In The Dharna, The Firm Fronts Of The Organizations Can Move Out Of The City.

सरकार में फेरबदल का असर:शिक्षा मंत्री बदलते ही धरनों में धीमी पड़ने लगी नारों की आवाज, शहर से हट सकते हैं संगठनों के पक्के मोर्चे

संगरूर2 महीने पहले
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  • 9 महीने से चल रहा मोर्चा जालंधर में नए शिक्षा मंत्री परगट सिंह के निवास के सामने इस सप्ताह हो सकता है शिफ्ट

कांग्रेस में सीएम से लेकर पूरी कैबिनेट में हुए फेरबदल का सबसे बड़ा असर धरना प्रदर्शनों पर पड़ा है। शहर के विधायक विजयइन्दर सिंगला से शिक्षा विभाग चले जाने के बाद शहर में नारों की गूंज धीमी पड़ गई है। इससे शिक्षा मंत्री के विरुद्ध चल रहे चार पक्के मोर्चों के प्रतिनिधि अगली रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

9 माह से विजयइन्दर सिंगला निवास के समक्ष चल रहा पक्का मोर्चा इस सप्ताह शहर से शिफ्ट हो सकता है। विजयइन्दर सिंगला से शिक्षा विभाग लेकर जालंधर से विधायक परगट सिंह को दिया गया है। सिंगला को फिर पीडब्ल्यूडी विभाग दिया गया है। शहर में 31 दिसंबर 2020 से कैबिनेट मंत्री सिंगला निवास के समक्ष बेरोजगार सांझा मोर्चा के सदस्य पक्के धरने पर बैठे हैं।

सांझे मोर्चे में भाग ले रहे पांच संगठन दिन-रात दे रहे धरना

आपको बता दें कि सांझे मोर्चे में 5 संगठन शामिल हैं, जोकि रोजगार की मांग को लेकर दिन-रात धरने पर डटे हैं। उसी दिन से विजय इंदर सिंगला अपने निवास में दाखिल नहीं हो सके हैं। दूसरा-आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन सीटू की सदस्य 17 मार्च से मुख्य सड़क पर पक्के मोर्चे पर डटी हैं। यूनियन सदस्य हरियाणा की तर्ज पर 6 साल तक के नौनिहालों को आंगनबाड़ी सेंटरों में भेजने की मांग कर रही हैं।

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