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जिलेभर में प्रदर्शनों से जगह-जगह जाम लगाया:भाकियू ने 17 जगहों पर कृषि कानूनों की काॅपियां फूंक केंद्र सरकार के विरुद्ध की नारेबाजी

संगरूर19 दिन पहले
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संगरूर के लाल बत्ती चौक में कृषि कानूनों की काॅपियां फूंकते किसान। - Dainik Bhaskar
संगरूर के लाल बत्ती चौक में कृषि कानूनों की काॅपियां फूंकते किसान।
  • किसानों ने डेढ़ घंटे तक लालबत्ती चौक जाम किया, जिलेभर में प्रदर्शनों से जगह-जगह जाम लगने से लोग हुए परेशान

कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को सैकड़ों की संख्या में किसान शहर की सड़काें पर उतर आए। जिले भर में 17 स्थानों पर भाकियू की ओर से कृषि कानूनों की काॅपियां फूंक केन्द्र सरकार के विरूद्ध प्रदर्शन किया गया।

शहर में रोष मार्च कर लालबत्ती चौक में धरना देकर डेढ़ घंटे तक यातायात को ठप रखा गया है। चौक के 50 मीटर की दूरी पर बस स्टैंड होने के कारण बसों समेत आम वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।

हालांकि ट्रैफिक पुलिस की ओर से यातायात को सुचारू बनाने के लिए कई रास्तों पर वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया था, परंतु जगह-जगह जाम लगने से लोग भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बोले- सरकार हमें कृषि कानूनों के लाभ बता दे तो वे आंदोलन से पीछे हट जाएंगे

प्रदर्शनकारी किसान नेता भूपिंदर लौंगोवाल, चमकौर सिंह, जगतार कालाझाड़, गोबिंदर मंगलवाल, रण सिंह ने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए देश भर के किसान पिछले साढे़ 6 माह से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं।

किसान प्रतिनिधि पहले ही साफ कर चुके हैं कि यदि सरकार किसानों को किसान पक्षीय कृषि कानूनों के लाभ बता दें तो वह प्रदर्शन से पीछे हट जाएंगे। यह कानून सिर्फ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही बनाए गए हैं।

इन कानूनों से किसान बेजमीनी हो जाएंगे, जिसे सरकार भी भलि भांति जानती है। इसी कारण सरकार किसानों से बातचीत करने से भाग रही है। दिल्ली की सीमाओं पर आंधी-तूफान, और सर्दी-गर्मी के बीच केन्द्र सरकार का अब मुकाबला किया है, जो कि जीत तक जारी रहेगा। उन्हाेंने मांग की कि इन कृषि कानूनों को तुरंत रद्द किया जाए। उन्हाेंने मांग की कि पूर्ति तक पंजाब में भाजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा।

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