सरकार की कारवाई:अकाल डिग्री कॉलेज फॉर वुमेन की कमेटी भंग, एडीसी (जनरल) प्रशासक नियुक्त

संगरूरएक वर्ष पहले
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  • फैसला- कॉलेज प्रबंधक कमेटी पर फंडों के दुरुपयोग के आरोपों के बाद सरकार की कारवाई
  • राहत- किसी भी सूरत में बंद नहीं होगा कॉॅलेज में बीए कोर्स का दाखिला : शिक्षा मंत्री सिंगला
  • विवाद का कारण - कॉलेज प्रबंधक कमेटी बीए कोर्स को करना चाहती थी बंद, क्षेत्र के लोगों में था रोष

अकाल डिग्री कॉलेज फॉर वुमन की प्रबंधक कमेटी पर फंडों के दुरुपयोग के आरोप को गंभीरता से लेते हुए पंजाब सरकार ने कॉलेज की प्रबंधक कमेटी को संस्पेंड कर एडीसी जनरल को इसका प्रशासक नियुक्त कर दिया है।

पंजाब सरकार की ओर से साफ किया गया है कि किसी भी हालत में कॉॅलेज में लड़कियों के लिए बीए के कोर्स को बंद नहीं किया जाएगा। इस फैसले से 40 किलोमीटर के क्षेत्र में बसे ग्रामीण लड़कियों को और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। 

ग्रांट-इन-ऐड स्कीम के अधीन काम कर रहे स्टाफ और प्रिंसिपल ने भी की थी शिकायत : शिक्षा विभाग

डायरेक्टर शिक्षा विभाग कॉलेज द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि अकाल डिग्री कॉलेज फॉर वुमन संगरूर की प्रबंधक कमेटी द्वारा कॉलेज में शुरू से चल रहे बीए के रेगुलर कोर्स को बंद करने के मकसद से मौजूदा साल 2020-21 में बीए भाग पहला का दाखिल न करने का फैसला लिया है।

इस कोर्स को बंद करने से इलाके के लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है और उनके द्वारा विभाग को शिकायतें भी की जा रही है। ग्रांट-इन-ऐड-स्कीम के अधीन काम कर रहे स्टाफ और प्रिंसिपल द्वारा भी शिकायत प्राप्त हुई है।

आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि यह कॉलेज सरकार से ग्रांट-एन-एड-स्कीम के तहत सहायता प्राप्त कॉलेज है और शुरू से अब तक कॉलेज को करोड़ाें रुपए ग्रांट सरकार द्वारा दी जा चुकी है।  

भारत सरकार, यूजीसी और अन्य सरकारी और निजी क्षेत्रों की एजेंसियों द्वारा भी कॉलेज को करोड़ाें रुपए की सहायता की गई है।

यह शिकायत भी मिली है कि कॉलेज प्रबंधक कमेटी द्वारा प्राप्त ग्रांट का दुरुपयोग करते हुए पैसे को दूसरे कामों के लिए प्रयोग किया गया है। 

कॉलेज कमेटी पर फंडों के दुरुपयोग के आरोपों की भी गंभीरता से होगी जांच : शिक्षा मंत्री

कैबिनेट मंत्री और शहर  विधायक विजय इंदर सिंगला ने कहा कि सरकार द्वारा कॉलेज की सभी गतिविधियों को पूरे ध्यान से जांचा जा रहा है।

यह कॉलेज 40 किलोमीटर के क्षेत्र में बसे ग्रामीण छात्राओं के लिए है। ऐसे में बीए कोर्स को बंद करने संबंधी मामले को सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री के ध्यान में लाया गया था।

कॉलेज में किसी भी हालत में बीए कोर्स को बंद नहीं होने दिया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा जहां कॉलेज की बेनियमों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है।

यह कमेटी फंडों के दुरुपयोग आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाएगी। जांच कमेटी सभी कथित गड़बड़ियों को उजागर कर सबके सामने लाएगी।

डीपीआई कॉलेज के मांगे गए स्पष्टीकरण का योग्य जवाब भी कॉलेज प्रबंधक ने नहीं भेजा

डायरेक्टर द्वारा यह भी कहा गया है कि प्रबंधक कमेटी द्वारा विज्ञापन जारी करवाकर स्पष्ट किया जा रहा है कि बीए भाग पहला का कॉलेज में दाखिला नहीं होगा।

डीपीआई कॉलेज द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण/सूचना का योग्य जवाब भी कॉलेज प्रबंधक कमेटी द्वारा नहीं भेजा गया है और न ही उच्च शिक्षा विभाग की हिदायतों का पालन किया जा रहा है।

डायरेक्टर शिक्षा विभाग कॉलेज पंजाब द्वारा आदेश जारी करते अकाल डिग्री कॉलेज फॉर वुमन की प्रबंधक कमेटी को तुरंत भंग कर दिया गया है और एडीसी (जनरल) संगरूर को कॉलेज का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है।

इंसाफ के लिए हाईकोर्ट जाएगी कमेटी : चेयरमैन

कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन करणवीर सीबिया का कहना है कि सरकार ने कमेटी से धक्केशाही की है। उनका कोई पक्ष सुने बगैर कमेटी को भंग कर दिया है।

कमेटी 50 वर्षों से कॉलेज को चला रही है। ऐसे में अब वह इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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