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  • In Corona Ward, Beds And Remedies Are Limited, If The Same Situation Prevails, Then Patients Will Get Neither Beds Nor Injections, Vaccine Stock Till Date.

दम तोड़ते प्रबंध:कोरोना वार्ड में बेड व रेमडेसिविर सीमित, यही हालात रहे तो मरीजों को न बेड मिलेंगे न ही इंजेक्शन, वैक्सीन स्टॉक आज तक का

संगरूर6 महीने पहलेलेखक: पुनीत गर्ग
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संगरूर के श्मशानघाट में एक ही एंबुलेंस में दो मरीजों की लाश पहुंची। - Dainik Bhaskar
संगरूर के श्मशानघाट में एक ही एंबुलेंस में दो मरीजों की लाश पहुंची।
  • संगरूर में पहली बार कोरोना से 9 की मौत, 176 नए मरीज मिले, एक्टिव 1281, संक्रमण से अब तक 316 की जा चुकी है जान

कोरोना के हालात के चलते जिले में सेहत सुविधाएं भी अंतिम सांसें ली रही हैं, क्योंकि शहर के सिविल अस्पताल में स्थापित कोरोना वार्ड में 44 मरीज पहुंच चुके हैं। जहां फिलहाल 50 बैड ही मौजूद हैं। 44 मरीजों में 21 मरीजों को ऑक्सीजन स्पॉट पर रखा गया है जिनके लिए सेहत विभाग ऑक्सीजन का स्टॉक होने का तो दावा कर रहा है परंतु सांसें उखड़ने पर लगाए जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन समाप्त होने के कगार पर है। हालांकि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मालेरकोटला में बनाया गया कोरोना वार्ड भी खोल दिया गया है। बुधवार को जिले में पहली बार 9 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। जबकि 176 नए संक्रमित मरीज मिले हैं।

एसएमओ डॉ. बलजीत सिंह बोले-10 बेड और बढ़ाए जा रहे, 1000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड विभाग से की गई है

सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन के 80 बड़े सिलेंडर हैं

जिले में पिछले एक सप्ताह से औसतन 150 मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में बेड समाप्त होने की अाशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। यदि आज सेहत विभाग के पास वैक्सीन का स्टॉक नहीं पहुंचता है तो कल से वैक्सीन की मुहिम भी रुक सकती है। सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. बलजीत सिंह का कहना है कि कोरोना वार्ड में 10 बेड और बढ़ाए जा रहे हैं। मरीजों के इलाज के लिए 1000 रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड भी विभाग को भेजी गई है। ऑक्सीजन केकरीब 80 बड़े सिलेंडर पड़े है और 100 सिलेंडर जल्द ही अस्पताल पहुंच रहे हैं।

मरीज हजारों रुपए खर्च कर निजी लैब से करवा रहे सिटी स्कैन

कोरोना के मरीजों के फेफड़ों पर असर देखने के लिए सिविल अस्पताल में सिटी स्कैन का प्रबंध नहीं है। वार्ड में एक एक्सरे मशीन रखी गई है परंतु सेहत माहिरों के अनुसार सही स्थिति का पता सिटी स्कैन से पता चलता है। ऐसे में कई मरीज अस्पताल के बाहर निजी सिटी स्कैन सेंटरों पर हजारों रुपए अदा कर स्कैन करवाने को मजबूर हैं। पॉजिटिव मरीजों के लिए पंजाब सरकार की और से मुहैया करवाई गई फतेह किट भी पूरी तरह से नहीं पहुंच रही है। हालात ऐसे हैं कि किट से ऑक्सीमीटर गायब हो चुका है। जिले में अब कोरोना मरीजों का आंकड़ा 8226 तक जा पहुंचा है। 1281 मरीज एक्टिव हैं। राहत इस बात की है कि बुधवार को 196 मरीजों ने कोरोना को मात भी दी है। अब तक 6629 मरीज कोरोना को हरा चुके हैं। एसएमओ डॉ. बलजीत सिंह ने जिले के लोगों से अपील की है कि मास्क जरूर लगाएं वसोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

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