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मिनी लॉकडाउन बेअसर:संगरूर-बरनाला में व्यापारियों ने की सरकार के खिलाफ नारेबाजी, जरूरत के सामान की आड़ में खुला बाजार, दिखी भीड़

संगरूर12 दिन पहले
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  • व्यापारी बोले- लॉकडाउन लगाकर व्यापारियों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा, प्रशासन ने कहा- यदि लोग बचेंगे तो ही व्यापार चलेगा

मिनी लॉकडाउन को लेकर सोमवार को संगरूर और बरनाला में कई स्थानों पर व्यापारी वर्ग में रोष दिखा. संगरूर-बरनाला और सुनाम में व्यापार मंडल के सदस्य सड़कों पर उतर आए। गुस्साए व्यापारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली। संगरूर में व्यापार मंडल की ओर से प्रशासन से बैठक कर दुकानें सीमित समय के लिए खोले जाने की मांग उठाई। प्रशासन की मानें तो गृह विभाग की गाइड लाइन को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। ऐसे में प्रशासन ने व्यापारियों की मांग को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उधर, रिटेल सब्जी मंडी बंद करवाने को लेकर भी सब्जी विक्रेताओं में रोष फैल गया। जिस कारण पुलिस ने सब्जी विक्रेताओं के रोष को देखते हुए रिटेल सब्जी मंडी भी खोलने की अनुमति दे दी। जिस कारण पहला मिनी लॉकडाउन बेअसर रहा है। कई दुकानदारों ने जरूरी वस्तुओं की आड़ में दूसरी दुकानें भी खुली रखीं, जिन्हें रोकने वाला कोई नहीं था।

हालात ऐसे थे कि पूरा दिन बाजारों में भीड़ नजर आई है। लोगों की सुविधा को देखते हुए खोली गई जरूरी वस्तुओं की दुकानों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। लोग बिना मास्क और भीड़ में सामान खरीदते रहे हैं। उधर, बसों और थ्री व्हीलर में गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया। 50 प्रतिशत से अधिक सवारी बसों और थ्री व्हीलर में दिखाई दी है।

एसडीएम यशपाल शर्मा का कहना है कि वर्तमान समय में हालात को देखते हुए सभी को गृह विभाग की गाइड लाइन की पालना करनी चाहिए। यदि लोग बचेंगे तो ही व्यापार को चलाया जा सकता है। सरकार भी लॉकडाउन नहीं चाहती है परंतु हालात को देखते हुए मजबूरी में लॉकडाउन लगाना पड़ा है। 15 दिनों में कोरोना की चेन को तोड़ा जा सकता है। संभवत इसकी आगे जरूरत न पड़े। बावजूद उनकी मांग को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

व्यापार मंडल के प्रधान ने कहा-गैरजरूरी वस्तुओं की दुकानों को भी खोलने का रोस्टर बनाया जाए

व्यापार मंडल के प्रधान जसविंदर सिंह प्रिंस का कहना है कि व्यापारी वर्ग ने पिछले वर्ष के लॉकडाउन में लाखों रुपए का नुकसान सहन किया है। वर्तमान समय में भी व्यापारियों के साथ कई कर्मचारियों की रोजी रोटी जुड़ी है। यदि दुकानों को बंद करवा दिया गया तो व्यापारी वर्ग के साथ- साथ कर्मचारियों को भी नुकसान होगा। पहले लॉकडाउन में ही कई कर्मचारी अपना रोजगार गंवा चुके हैं। अब व्यापार की पटरी लाइन पर आना शुरू हुई थी कि फिर से लॉकडाउन लगाकर व्यापारी को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मांग की गई कि गैर जरूरी कैटेगरी में आने वाली दुकानों को भी खोलने का रोस्टर जल्द बनाया जाए।

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