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सम्मान किया:शिक्षा विभाग की सर्वाेत्तम स्कूलाें की सूची में जिले के सेकेंडरी वर्ग में स्मार्ट स्कूल छाजली

संगरूर9 दिन पहलेलेखक: भूपिंदर सुनामी
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  • हाई में खेड़ी और मिडल वर्ग में रटोलां स्कूल रहे अव्वल
  • जिलेभर में पहला स्थान पाने वाले तीनों स्कूलों को क्रमवार 10 लाख, 7.50 लाख व 5 लाख रुपए मिलेंगे
  • छात्रों की संख्या, शैक्षणिक गतिविधियां व बुनियादी ढांचे के आधार पर होता है सर्वोत्तम स्कूलों का चयन

पंजाब के शिक्षा मंत्री विजयइंदर सिंगला की ओर से राज्य के सर्वोत्तम स्कूलों की जारी की गई सूची में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल छाजली, सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल खेड़ी व सरकारी मिडल स्मार्ट स्कूल रटोलां ने जिले में अपनी-अपनी कैटागिरी में पहला स्थान पाया है।

इन स्कूलों को क्रमवार 10 लाख, 7.50 लाख व 5 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी। सर्वोत्तम स्कूलों का चयन छात्रों की संख्या, सह शैक्षणिक गतिविधियां, बुनियादी ढांचा, स्कूल प्रबंधक कमेटी, सामाजिक योगदान के आधार पर किया गया है। स्कूलों को मिडल, हाई व सेकेंडरी तीन श्रेणियों में बांटा गया था।

प्रत्येक जिले के तीन स्कूलों का चयन किया गया है, जो भी स्कूल विजेता रहे हैं, उन्हें ईनामी राशि भेंट की गई है। पिछले दो वर्षों से सर्वोत्तम स्कूलों का चयन किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से लोगों का सरकारी स्कूलों पर भरोसा बढ़ा है, जिस कारण छात्रों की गिनती में इजाफा हो रहा है।

स्कूल में एजुकेशन पार्क बनाया

सरकारी मिडिल स्मार्ट स्कूल रटोलां के मुख्य अध्यापक गोपाल सिंह ने बताया कि दो वर्षों में ही स्कूल में बच्चों की संख्या 70 से बढ़कर 145 हो गई है। गांव रटोलां के 40 बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं, जबकि बाकी छात्र मालेरकोटला क्षेत्र से पढ़ने आ रहे हैं।

स्कूल में एजुकेशन पार्क बनाया गया, जिसके बाद शिक्षा सचिव ने स्कूल का दौरा किया। पिछले दो वर्षों से उन्हें स्टेट द्वारा प्रशंसा पत्र भी जारी हो रहा है। 8 जून 2020 को इस स्कूल को शिक्षा सचिव द्वारा स्टेट के पन्ने पर सुंदर स्कूल के तौर पर शेयर भी किया गया।

दो साल में छात्रों की गिनती में 22 प्रतिशत बढ़ोतरी

सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल छाजली में पिछले 2 वर्ष में छात्रों की गिनती में 22 प्रतिशत बढ़ोतरी हो चुकी है। 30 अप्रैल को प्रिंसिपल पद से रिटायर हो चुके प्रिंसिपल इकबाल सिंह ने झुग्गी झोपड़ी में रहते बच्चों के परिजनों को प्रेरित कर 16 बच्चों को स्कूल में दाखिल करवाया। दानी सज्जनों के सहयोग से स्कूल में 11 स्मार्ट क्लासरूम तैयार करवाए गए। कांप्लेक्स को हरा-भरा बनाने के लिए 2500 नए पौधे लगाए गए। मौजूदा प्रिंसिपल गुरविंदर सिंह सैणी ने बताया कि स्कूल में मेडिकल, नॉन मेडिकल, कामर्स, वोकेशनल, इंटर आर्टस, आर्टस विषयों की पढ़ाई अंग्रेजी व पंजाबी मीडियम में करवाई जाती है। खुशी की बात यह है कि कई छात्र प्राइवेट स्कूलों को छोड़कर उनके स्कूल में दाखिल हुए हैं।

स्कूल में 50 लाख से करवाए विकास कार्य

सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल खेड़ी के मुख्य अध्यापक सपर्ण कुमार सिंगला ने बताया कि दानी सज्जनों के सहयोग स्कूल में 50 लाख रुपए से विकास कार्य करवाए गए हैं। नाबार्ड के तहत 5 कमरों के लिए करीब 37 लाख रुपए की ग्रांट प्राप्त हुई।

इससे कमरों का निर्माण करवाया गया, जबकि एक कमरे का निर्माण पंचायत की ओर से करवाया गया। स्कूल परिसर में 200 पौधे लगाए गए। आरओ, वाटर कूलर, खेल का मैदान, टॉयलट सहित स्कूल में हर तरह का प्रबंध है। 2019 में स्कूल को सुपर स्मार्ट स्कूल का दर्जा मिल चुका है। शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने स्कूल को प्रशंसा पत्र भी जारी किया हुआ है।

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