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सेमिनार का आयोजन:नौजवान पीढ़ी का केश और दस्तार रहित होना दुख की बात : डॉ. स्वराज

संगरूर3 दिन पहले
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पंजाबी साहित्य सभा संगरूर की ओर से एक प्रवास विषय पर साहित्यक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की प्रधानगी केन्द्रीय पंजाबी लेखक सभा(सेखों) के प्रधान डॉ तेजवंत मान ने की। उनके साथ डॉ स्वराज सिंह, डॉ भगवंत सिंह, स्वामी आनंद मणतव, डॉ चरणजीत उडारी व डॉ नरविंदर कौशल भी मौजूद रहे।

सेमिनार दौरान प्रसिद्ध विश्व चिंतक और गुरमति लोकधारा मंच के प्रधान डॉ स्वराज सिंह ने कहा कि काफी दुख की बात है कि आज की नौजवान पीढ़ी केश रहित और दस्तार रहित हो रही है।

हम अपनी विरासत से दूर होते जा रहे है। उन्होंने कहा दस्तार व्यक्ति, कौम और देश की आन व शान का प्रतीक है। आज पंजाब अपनी दस्तार की जिज्ञासू पहचान के लिए जद्दोजहद कर रहा है। उन्होंने कहा पंजाब मुकम्मल बर्बादी की तरफ बढ़ रहा है। 50 प्रतिशत बर्बादी के लिए हरा इंकलाब और 50 प्रतिशत बर्बादी के लिए प्रवास जिम्मेदार है। इस मौके डॉ भगवंत सिंह ने कहा कि प्रवास कर रहे पंजाबी अमेरिका, कनाड़ा, आस्ट्रेलिया में सभ्याचारक प्रवास का रूदन भोग रहे है।

डॉ नरविंदर कौशल ने कहा प्रवासियों का जब विदेशों में जाकर काल्पनिक स्वर्ग का वहम टूटता है तो वह चाहते हुए भी पंजाब वापस नहीं आ सकते। इस मौके चरणजीत उडाऱी, गुरनाम सिंह, अमर गर्ग, कुलवंत कसक, डॉ राकेश शर्मा, अमरीक गर्ग, अमृतपाल सिंह, जगदीप सिंह, डॉ तेजवंत मान ने अपने विचार रखे।

इस मौके शेर सिंह कंवल की खेस दी बुक्कल पुस्तक रिलीज की गई। इस दौरान दस्तार संभाल विषय पर कवि दरबार हुआ जिसमें जसवंत सिंह, कुलवंत कसक, मीत सकरौदी, देश भूषण, नाहर सिंह, गुलजार सिंह, गुरचरण ढींडसा, ब्रिजमोहन, प्रभ सिंह, अमरीक गागा, चमकौर सिंह, चरणजीत उडारी ने अपनी रचनाएं पेश की। गुरनाम सिंह ने गीत पेश किया और नाहर सिंह ने अपनी पुस्तकें सभा को भेंट की। मंच संचालन की भूमिका गुरनाम सिंह ने निभाई।

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