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जिले में डेंगू ने भी दे दी दस्तक:सिविल अस्पताल के कूलरों में पनप रहा मच्छर फाॅगिंग मशीन भी खराब, नतीजा-10 दिनों में 5 केस

संगरूर7 दिन पहलेलेखक: पुनीत गर्ग
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संगरूर के सिविल अस्पताल में कूलरों में जमा पानी व गंदगी, (दाएं) सिविल अस्पताल में बनाया गया डेंगू वार्ड। - Dainik Bhaskar
संगरूर के सिविल अस्पताल में कूलरों में जमा पानी व गंदगी, (दाएं) सिविल अस्पताल में बनाया गया डेंगू वार्ड।
  • कोरोना अभी गया नहीं कि जिले में डेंगू ने भी दे दी दस्तक, अब तक 8 लोगों में पाए गए डेंगू के लक्षण

अभी पूरी तरह से कोरोना गया भी नहीं कि जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। शनिवार तक जिले में 8 लोगों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। पिछले 10 दिनों में ही 5 मरीज सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके नगर कौंसिल और सेहत विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। हैरत तो इस बात की है कि लोगों को डेंगू से बचाव के लिए आसपास पानी जमा न होने का पाठ पढ़ाने वाले सेहत विभाग के अपने ही सिविल अस्पताल के कूलरों में बारिश का पानी जमा है, वहीं, शहर की 1 लाख आबादी के लिए नगर कौंसिल के पास महज एक ही फॉगिंग मशीन है वह भी लंबे समय से खराब पड़ी है।

सेहत विभाग को 28 स्थानों पर लारवा मिल चुका है। हालांकि टीम ने लारवे को नष्ट कर दिया है परंतु सेहत विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। संगरूर, सुनाम, मूनक और मालेरकोटला ब्लॉक में डेंगू के मरीज पॉजीटिव आ चुके हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। हकीकत में डेंगू की संख्या कई गुणा अधिक हो सकती है। वहीं डॉ. अंजना गुप्ता, सिविल सर्जन ने कहा कि सेहत विभाग की टीमें लगातार घरों में चेकिंग कर रही है। जहां लारवा मिल रहा है वहां लारवे को नष्ट किया जा रहा है।

2020 में मिले थे 147 केस, 2017 में थे सर्वाधिक 1704

पिछले वर्ष के सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2020 में 147 लोगों में डेंगू की पुष्टि की गई थी। सबसे अधिक 2018 में 1704 लोगों को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया था। 1704 का आंकड़ा अब का सबसे अधिक आंकड़ा दर्ज किया गया है। हैरत इस बात की है कि जिम्मेदारों ने पिछले वर्ष के आंकड़े से कोई सबक नहीं लिया। डेंगू जगह-जगह पनपना शुरू हो गया है और जिले में केस बढ़ने शुरू हो गए हैं।

सिविल अस्पताल में 8 बेड का वार्ड बनाया

सेहत विभाग की ओर से सिविल अस्पताल में 8 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है जहां 2 मरीज दाखिल हैं। एसएमओ बलजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में डेंगू के उपचार के लिए सभी दवाए उपलब्ध हैं। किसी को परेशानी नहीं होगी।

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