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रोजगार की मांग:शिक्षा मंत्री का घेराव करने पहुंचे बेरोजगार पुलिस जबरी उठाकर ले गई थाने, केस दर्ज

संगरूर9 दिन पहले
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बेरोजगारों को हिरासत में लेने के बाद जबरी बसों में बैठाते पुलिस कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
बेरोजगारों को हिरासत में लेने के बाद जबरी बसों में बैठाते पुलिस कर्मचारी।
  • 157 दिन से शिक्षा मंत्री सिंगला की कोठी के समक्ष धरने पर बैठे हैं बेरोजगार सांझा मोर्चा के सदस्य

रोजगार की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री विजयइंदर सिंगला का रेस्ट हाउस के समक्ष घेराव करने पहुंचे बेरोजगार साझा मोर्चा के सदस्यों को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने 3 युवतियों समेत 8 बेरोजगार प्रदर्शनकारियों पर प्रीवेंशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मोर्चा के सदस्य पिछले 157 दिनों से शिक्षा मंत्री विजयइंदर सिंगला की कोठी के समक्ष धरने पर बैठे हैं। शनिवार को सदस्य शिक्षा मंत्री का घेराव करना चाहते थे, परंतु मौके पर तैनात पुलिस सदस्यों को जबरी उठाकर पुलिस वैन में बंद कर पुलिस स्टेशन ले गई।

वहीं, बेरोजगार सांझा मोर्चा के नेता सुखविंदर ढिल्लवां ने कहा कि वह पिछले 157 दिन से सिंगला निवास के समक्ष धरने पर बैठे हैं, परंतु अभी तक शिक्षा मंत्री ने उनसे बात तक नहीं की है, जिस कारण बेरोजगारों में रोष है। उन्होंने कहा कि घर-घर रोजगार का वादा कर सत्ता में आई पंजाब की कांग्रेस सरकार बेरोजगारों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। बेरोजगार नौजवान रोजगार पाने के लिए सड़कों पर रुलने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

यूनियन सदस्यों की कई बार शिक्षा मंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है, परंतु अभी तक मामले का कोई समाधान नहीं निकला है। शिक्षा मंत्री क्षेत्र में होने के बावजूद उनसे मिलने को तैयार नहीं हैं, जिस कारण सदस्यों में सरकार और मंत्री के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। उन्हाेंने चेतावनी दी कि रोजगार की पूर्ति तक शिक्षा मंत्री के हर कार्यक्रम में विघ्न डाला जाएगा।

दिसंबर 2020 से मंत्री निवास पर जताया जा रहा रोष

बेरोजगार सांझा मोर्चा के सदस्य 31 दिसंबर 2020 से शिक्षा मंत्री निवास के समक्ष दिन-रात धरने पर डटे हुए है। गुस्साए बेरोजगार सदस्य सिंगला निवास के गेट को ताला तक लगा चुके हैं। वहीं, लंबे समय से गांवों में पंजाब सरकार की अर्थियां फूंकी जा रही है। सरकार विरोधी नारे भी लिखे जा रहे हैं, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई।

मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियाें ने मांग की कि डीपीआई अध्यापकों के पदों में 1000 पोस्टों की बढ़ोतरी की जाए। मास्टर कैडर के पदों पर निकाली गई पोस्टों में बढ़ोतरी की जाए। आयु सीमा 37 से 42 साल की जाए। शिक्षा प्रोवाइडरों को बिना शर्त रेगुलर किया जाए। पीटीआई (646) अध्यापकों के लिए नोटिफिकेशन अनुसार निरोल मैरिट के आधार पर भर्ती की जाए। आर्ट एंड क्राफ्ट के 5 हजार अध्यापकों की भर्ती की जाए। मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों की चल रही भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाए।

3 युवतियों समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज जमानत पर छोड़ा

उधर, डीएसपी सतपाल शर्मा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल 3 युवतियों समेत 8 लोगों पर प्रीवेंशन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, बाद में जमानत करवाने पर उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

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