प्रदर्शन कर जताया रोष:एसडीएम से कोर्ट वर्क वापस लेने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन ने रखा नो वर्क

सुनाम6 महीने पहले
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  • सुनाम में एसडीएम ऑफिस के सामने एकजुट हो वकीलों ने जताया रोष, कोर्ट में आए लोग निराश होकर लौटे

बार एसोसिएशन सुनाम की ओर से एसडीएम सुनाम के कोर्ट वर्क वापस लेने की मांग को लेकर एसडीएम दफ्तर सुनाम के समक्ष धरना दिया गया। वहीं जिलेभर के वकील सुनाम के वकीलों के समर्थन में उतर आए हैं। बुधवार को वकीलों ने जिलेभर की अदालतों में नो वर्क के तहत काम का बायकाट किया। जिस कारण कोर्ट में विभिन्न केसों के लिए आए लोग निराश होकर लौटे। चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांग को पूरा न किया गया तो एसोसिएशन कड़ा रूख अपनाने के लिए मजबूर होगी। बार एसोसिएशन सुनाम के प्रधान एडवोकेट गुरबख्शीश सिंह चट्ठा, आकाशदीप भारद्वाज, रविंदर भारद्वाज, मित सिंह जनाल और मनप्रीत सिंह नमोल ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से 15 अप्रैल को एक प्रस्ताव डाला गया था कि सुनाम अदालतों के सिविल क्रिमिनल काम, अरेजमेंट काम और सब डिवीजन सुनाम-दिड़बा, चीमा, लहरा की माल अदालतों में सिर्फ उन केसों की ही सुनवाई होगी जिन केसों में दोनों पक्षों के वकील सहमत होंगे।

किसी भी पक्ष की गैर हाजिरी में कोई भी फैसला कार्रवाई किसी भी सिविल, माल अदालत में नहीं की जाएगी। परंतु एसडीएम सुनाम ने 23 अप्रैल को एक केस सबंधी एक वकील की गैर हाजिरी में उस केस का फैसला सुना दिया। जब उन्होंने एसडीएम से इस सबंधी बात की तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जिस कारण वह धरना लगाने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि एसडीएम सुनाम की अदालत के काम का पूर्ण तौर पर बायकाट किया गया है। उन्होंने कहा एसडीएम सुनाम अपने पद का गलत इस्तेमाल कर रही है। एसडीएम ने एक न्यूज चैनल पर बयान दिया है कि वह ऐसे वकीलों की प्रवाह नहीं करती हैं और केवल दोनों पक्षों की बात सुनकर ही फैसला करती है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए वकीलों की हाजिरी के बिना पक्षों को बुलाना कोरोना नियमों का उल्लंघन है। जबकि सुनाम अदालत के एक सीनियर जज व सरकारी वकील कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से मांग की कि कोर्ट वर्क वापस लिया जाए। उन्होंने मांग की पूर्ति होने तक प्रतिदिन सुबह एक घंटे एसडीएम दफ्तर के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। जब तक मांग पूरी नहीं होगी धरना देंगे। एक घंटे के लिए सभी अदालत ज्यूडिशियल, रेवेन्यू का कोर्ट वर्क सस्पेंड रखा जाएगा।

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