हाईवे फिर जाम:भट्‌ठा मजदूरों की प्रशासन से 2 मीटिंग विफल रहने पर किसान समर्थन में उतरे

जलालाबाद7 दिन पहले
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धरना देते भट्ठा मजदूर यूनियन एटक के सदस्य व गांववासी। - Dainik Bhaskar
धरना देते भट्ठा मजदूर यूनियन एटक के सदस्य व गांववासी।

भट्ठा मजदूरों ने मांगें पूरी न होने पर तीसरी बार फाजिल्का-फिरोजपुर हाइवे पर जलालाबाद के पास गांव लमोचड़ कलां के निकट धरना दिया गया। इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर हाइवे पर बैठकर धरना दिया। इससे वाहनों की लाइन लग गई और चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

जाम के दौरान उक्त रोड से गुजरने वाले लोगों को गर्मी में परेशानियों का सामना करना पड़ा। उक्त रोड पर 2 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। अधिकतर वाहन चालक जहां यू टर्न लेकर लौटने पर मजबूर हो गए। वहीं, बाइक सवार खेत से रास्ता बनाकर निकलने की मशक्कत करते नजर आए।

डिप्टी कमिश्नर ने भी वादा कर भट्‌ठा मालिकों पर नहीं की कार्रवाई
धरने का नेतृत्व भट्ठा मजदूर यूनियन (एटक) पंजाब के प्रधान कामरेड गुरनाम सिंह, कुल हिंद किसान सभा के जिला प्रधान कामरेड सुरिन्दर ढंडिया, सीपीआई जिला फाजिल्का सचिव कामरेड हंसराज गोल्डन ने किया। नेताओं ने बताया कि जो भट्ठा मजदूर हैं, उन्हें सरकारी रेट से बहुत कम मेहनताना मिल रहा है। जैसे एक हजार ईंट बनाने पर पांच सौ रुपए भट्ठा मालिक दे रहे हैं जबकि सरकारी रेट 820 रुपए मजदूरों को देने बनते हैं। इसके लिए जलालाबाद एसडीएम को दो महीने पहले मांगपत्र दिया।

24 अप्रैल को एसडीएम दफ्तर जलालाबाद के सामने अनिश्चितकालीन समय के लिए भूख हड़ताल करने का एलान किया। 26 अप्रैल को एसडीएम ने भूख हड़ताल तुड़वा कर वादा किया कि भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई कर कर रेट दिलाया जाएगा। 4 मई को एसडीएम ने लिखित पत्र जारी किया कि कोई भी भट्ठा सरकारी रेट की कटौती नहीं करेगा।

मजदूरों को पूरा सरकारी रेट मिलेगा। जो आदेश का उल्लंघन करेगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी। रोष स्वरूप 11 मई को गांव लमोचड़ कलां के पास फिरोजपुर, फाजिल्का हाईवे जाम किया गया। शाम को अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर ने कहा कि यह आपकी जायज मांगें हैं।

मैं तुरंत भट्ठा मालिकों को डीसी कांप्लेक्स बुलाकर आपके साथ टेबल टॉक मीटिंग करते हैं। इसके बाद धरना उठा लिया गया। देर रात तक मीटिंग चली लेकिन अस्सिटेंट लेबर कमिश्नर ने भट्ठा मालिकों के हक की बात कही। दूसरे दिन भी मजदूरों को साथ लेकर रोड जाम करना पड़ा। देर रात डीसी साहिब ने आकर मीटिंग की। मीटिंग में वादा किया कि आपकी मांगें तुरंत मानी जाएंगी और भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी। अगले दिन डीसी खुद अपनी बातों से भागते नजर आए। 13 मई को फिरोजपुर, फाजिल्का हाईवे जाम करने का एलान करना पड़ा।

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