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नशा करने और बेचने की इजाजत नहीं:नशे में डूबती जवानी बचाने को क्रिकेटर शुभमन गिल के गांव जैमलवाला के गुरुद्वारे से अपील, 7 गांवों की पंचायतों ने बनाया खुफिया विंग

फाजिल्का3 महीने पहलेलेखक: संजीव झांब
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सरहदी जिलों में दौरे के समय की गई राज्यपाल की अपील का फाजिल्का में दिखा असर। - Dainik Bhaskar
सरहदी जिलों में दौरे के समय की गई राज्यपाल की अपील का फाजिल्का में दिखा असर।

नशे में डूबती सरहदी जिलों की जवानी को बचाने के लिए राज्यपाल के आह्वान के बाद फाजिल्का में यह लोकलहर बनती नजर आने लगी है। फाजिल्का जिले के 7 गांवों जैमलवाला, टिंडावाला, बस्ती रणजीत सिंह, चक्क बुद्धोके, चक्क सिंघेवाला, बाहमनीवाला, सिमरेवाला के सरपंचों व पंचों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि उनके गांवों में किसी भी व्यक्ति को नशा करने व नशा बेचने की इजाजत नहीं होगी।

जो भी पंचायत के फैसले की उल्लंघन करेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को छुड़वाने के लिए पंचायत थानों में नहीं जाएगी। संयुक्त मीटिंग में अपने-अपने गांव में कमेटियां बनाने का फैसला लिया गया है। ये कमेटियां अनैतिक कामों पर नजर रखेंगी तथा सरपंच को रिपोर्ट देंगी।

सरपंच भी आरोपियों को पकड़वाएंगे, थाने से नहीं छुड़ाएंगे, पंचायत के फरमान के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

मुहिम का उद्देश्य...नशे से दूर रहे युवा शक्ति

नशामुक्ति की ओर कदम बढ़ाने की शुरुआत देश के नामी क्रिकेटर शुभमन गिल के पैतृक गांव जैमलवाला से होगी। पंचायत का कहना है कि जैमलवाला के सरदार इंद्र सिंह के पोते व लखविंदर सिंह गिल के बेटे शुभमन गिल ने जिस तरह खेल में फाजिल्का का नाम दुनियाभर में पहुंचाया है, अन्य युवा भी प्रेरणा लेकर युवा शक्ति नशे से दूर रहे।

सोशल मीडिया के जमाने में गुरुद्वारों से होके की हुंकार, आज भी असरदार

गांव बुद्धोके के सरपंच बूटा सिंह का कहना है कि भले ही इन दिनों स्मार्टफोन का जमाना है किंतु पंचायतों की तरफ से संबंधित गांवों के गुरुद्वारों के जरिए आह्वान दिया गया है कि गांवों की पंचायतों ने नशा तस्करी व नशा सेवन के संबंध में सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। उनके होके की हुुंकार काफी असरदार है। फिर भी कोई अनैतिक कार्य करता है तो वह खुद जिम्मेदार होगा।

एक गांव से दूसरे गांव नशा न पहुंचे, इसलिए लगेंगे पहरे

पंचायतों ने सरकार के खुफिया विभाग की तर्ज पर गांवों के ही युवकों का खुफिया विंग स्थापित किया है। यह नशा तस्करी पर नजर रखेगा तथा जानकारी पंच या सरपंच तक पहुंचाएंगा। समूह पंचायत तहकीकात कर आरोपी को पुलिस को सौंपेेंगी। एक गांव से दूसरे गांव नशा न पहुंच सके, इसके लिए दिन-रात पहरे लगाने का निर्णय भी हुआ है।