फिरोजपुर:राष्टीय लोक अदालत फिरोजपुर में 1715 केसों का किया निपटारा

फिरोजपुर9 दिन पहले
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शनिवार को जिले की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर विभिन्न अदालतों में कुल 18 बैंच लगाकर 1715 केसों का निपटारा किया गया । इसमें 5 साल पुराने एक जमीन के केस में 1 करोड़ 42 लाख 87 हजार रुपए की देनदारी करवाकर केस का निपटारा किया गया तो एक चेक बाउंस के केस में सवा 2 लाख रुपए पक्ष को दिलवाकर केस का निपटारा किया गया । वहीं राष्ट्रीय लोक अदालतों में निपटाए गए केसों में कुल 25 करोड़ 96 लाख 36 हजार 604 रुपए का अवार्ड पास किया गया ।

इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के केसों का जिसमें दीवानी केस, राजीनामा होने योग्य फौजदारी केस, चेक बाउंस, रिकवरी के केस, ट्रैफिक चालान व घरेलू झगड़ों के केस व प्री लिटीगेटिव केसों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति से किया गया । राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जिला फिरोजपुर की अदालतों में 12 बैंच, स्थायी लोक अदालत में 1 बैंच, जीरा में 3 बैंच व गुरू हरसहाए में 2 बैंच लगाए गए । इस लोक अदालत में 2779 केसों में 1628 केसों का निपटारा करते हुए 25 करोड़ 55 लाख 23 हजार 771 रुपए का व प्री लिटिगेशन स्टेज पर 3047 केसों में से 87 केसों का निपटारा कर 41 लाख 12 हजार 833 रुपए का अवार्ड पास किया गया।

इस दैारान जिला एंव सेशन जज वीरइंदर अग्रवाल ने बताया कि लोक अदालत में फैसला हुए केसों की कोई अपील दलील नहीं है। लोक अदालत में हुए फैसलों को डिक्री की मान्यता प्राप्त है व यह फैसले तसल्लीबख्श होते हैं । इससे पक्षों को मुकदमेबाजी से मुक्ति मिलने के साथ ही मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

इस दौरान उन्होंने मिडिएशन सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मिडिएशन सेंटर में लोग अपने केसों का फैसला राजीनामे से करवा सकते हैं व जो लोक अदालत में केस करने से असमर्थ हैं वह भी मिडिएशन सेंटर में आवेदन कर अपने केस की सुनवाई करवाकर आपसी राजीनामे से अपने झगड़े को खत्म कर सकते हैं। इस लोक अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सैशन जज हरदीप सिंह की कोर्ट में एक पुराने केस बूटा सिंह बनाम बलबीर सिंह के चेक बाउंस के पुराने केस में सवा 2 लाख रुपए के उत्तरवादी पक्ष की ओर से देनदारी कर केस का निपटारा किया गया ।

इस प्रकार सीजेएम अशोक चौहान की कोर्ट में 5 साल पुराने केस सुखदेव सिंह बनाम बख्तावर सिंह के जमीन के केस में उत्तरवादी पक्ष की ओर से 1 करोड़ 42 लाख 87 हजार रुपए की देनदारी कर केस खत्म किया गया । इसके साथ ही जज साहब की ओर से 3 लाख रुपए की कोर्ट फीस वापिस करवाकर केस का निपटारा करवाया गया ।

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