गुरदासपुर में पिटबुल ने 12 लोगों को काटा:5 गांवों के लोगों पर किया हमला, रिटायर्ड कैप्टन ने लाठियों से मार-मारकर उतारा मौत के घाट

गुरदासपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पंजाब में गुरदासपुर जिले के दीनानगर एरिया से लगते 5 गांवों में एक पिटबुल कुत्ते ने 12 लोगों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। गुरुवार रात तंगोशाह गांव से लेकर चौहाना गांव तक उसने खूब आतंक मचाया। गांव तंगोशाह से चौहाना की दूरी 15 किलोमीटर है। इस दौरान पिटबुल ने नेशनल हाइवे को भी क्रॉस किया।

उसने सबसे पहले गांव तंगोशाह के पास भट्‌ठे पर लेबर का काम करने वाले 2 मजदूरों को काटा। दोनों ने हिम्मत कर उसके गले में पड़ी जंजीर पकड़ कर खुद को बचाया। इसके बाद किसी तरह कुत्ता जंजीर से छूट गया और रात साढ़े 12 बजे कोठे रांझे दे गांव पहुंच गया। उसने गांव में अपनी हवेली में बैठे 60 वर्षीय दिलीप कुमार पर हमला कर दिया। दिलीप कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए कुत्ते के मुंह में गले तक हाथ डालकर उसे रोकने की कोशिश की। उसकी हवेली में रहती एक फीमेल स्ट्रीट डॉग ने दिलीप कुमार पर हुए हमले के बाद पिटबुल पर हमलाकर उसे पीछे से पकड़ लिया।

पिटबुल के काटने से घायल दिलीप कुमार।
पिटबुल के काटने से घायल दिलीप कुमार।

इसके बाद दिलीप कुमार पिटबुल के चंगुल से बचकर घर की तरफ भागा। हालांकि पिटबुल ने उसका पीछा करते हुए रास्ते में उसे फिर गिरा दिया और सिर को बुरी तरह नोच डाला। तब तक गांव के लोग एकत्र हो गए मगर किसी ने पिटबुल से दिलीप कुमार को छुड़ाने की हिम्मत नहीं दिखाई। इस दौरान रास्ते में दिलीप कुमार के भाई के घर वालों ने उसे गली से गेट के अंदर खींचकर उसकी जान बचाई। पिटबुल ने दिलीप को इतनी बुरी तरह नोंच डाला कि हवेली से घर तक का रास्ता खून से लथपथ हो गया।

इसके बाद पिटबुल ने इसी गांव में रहने वाले बलदेव राज के बछड़े पर हमलाकर उसकी टांग को बुरी तरह नोच डाला। वहां से पिटबुल घरोटा रोड की तरफ भाग और रास्ते में कई पशुओं को काटने के बाद ईंट-भट्‌ठे पर पहुंच गया। भट्‌ठे पर उसने नेपाली चौकीदार रामनाथ पर हमला कर दिया। रामनाथ को भट्‌ठे पर रहते दो स्ट्रीट डॉग ने बचाया। वहां से पिटबुल भागता हुआ छन्नी गांव पहुंचा और वहां सो रहे मंगल सिंह को काट लिया।

सुबह पांच बजे पिटबुल कुंडे गांव पहुंच गया और वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे नंबरदार गुलशन कुमार, धर्म चंद व उसकी पत्नी दर्शना देवी, अशोक शर्मा, विभीषण कुमार और गोपी शर्मा पर हमला कर उन्हें बुरी तरह से नोच डाला।

इसके बाद पिटबुल भागता हुआ चौहाना गांव पहुंचा और खेतों में टहल रहे सेना के रिटायर्ड कैप्टन शक्ति सिंह पर हमला कर उनकी बाजू बुरी तरह नोच डाली। शक्ति सिंह ने हिम्मत न हारते हुए हाथ में पकड़ा डंडा कुत्ते के मुंह में डालकर उसे दोनों कानों से पकड़ लिया। शक्ति सिंह का शोर सुनकर तब तक गांव के लोग भी वहां पहुंच गए। इस दौरान शक्ति सिंह और गांव के दूसरे लोगों ने पागल हो चुके पिटबुल को लाठियों से पीट-पीटकर मार दिया।

पिटबुल का शिकार बने लोगों को दीनानगर और गुरदासपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।