सिविल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब:गर्भवतियों को प्राइवेट सेंटर में खर्च करने पड़ रहे 600 से 800 रुपए

गुरदासपुर2 महीने पहले
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सिविल में अल्ट्रासाउंड का बंद पड़ा कमरा। ओपीडी में चेकअप करवाने को लगी गर्भवतियों की भीड़। - Dainik Bhaskar
सिविल में अल्ट्रासाउंड का बंद पड़ा कमरा। ओपीडी में चेकअप करवाने को लगी गर्भवतियों की भीड़।

पंजाब सरकार की तरफ से सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को कई तरह की सुविधाएं देने का दावा किया जाता है, लेकिन इसकी हकीकत कुछ ओर ही है। अगर सिविल अस्पताल गुरदासपुर की बात करें तो यह ऐसा अस्पताल है जोकि अकसर अपनी कमियों को लेकर सुर्खियों में रहता है।

इन दिनों अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने के कारण सबसे बड़ी समस्या गर्भवतियों को हो रही है क्योंकि सिविल में गर्भवतियों का अल्ट्रा साउंड मुफ्त किया जाता है लेकिन मशीन खराब होने के चलते उन्हें यही अल्ट्रासाउंड प्राइवेट स्कैन सेंटरों से 600 से लेकर 800 रुपए खर्च करके करवाना पड़ रहा है। एसएमओ डॉ. चेतना ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की मशीन खराब पड़ी है। इसे ठीक करवाने के लिए संबंधित विभाग और इंजीनियर को मेल कर दी गई है। एक जुलाई के बाद मशीन ठीक हो जाएगी।

बहू का चेकअप करवाने आई पर मशीन खराब, बाहर से करवाया अल्ट्रासाउंड
सिविल अस्पताल में अपनी बहू का चेकअप करवाने पहुंची धारीवाल निवासी आशा रानी ने बताया कि उसकी बहू छह महीने की गर्भवती है। उसने तीन दिन पहले डाक्टर से चेकअप करवाया था और डॉक्टर ने उसे अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए कहा था। वो लगातार तीन दिनों से सिविल में अल्ट्रासाउंड करवाने आ रही है लेकिन हर बार दरवाजे पर ताला लटका रहता है। आज उसे मजबूरन पैसे खर्च करके प्राइवेट स्कैन सेंटर से अल्ट्रा साउंड करवाना पड़ा। इसी तरह वहां चेकअप करवाने पहुंची अन्य महिलाओं ने भी ऐसा ही कुछ कहा।

सिविल अस्पताल में रोजाना होते हैं 40 से 45 अल्ट्रासाउंड
सिविल अस्पताल में रोजाना 40 से 45 गर्भवतियां चेकअप के लिए आती हैं और गर्भवती को तीसरे, छठे और 9वें महीने में अल्ट्रासाउंड करवाना होता है। लेकिन मशीन पांच दिनों से खराब है। सिविल में मध्यवर्गी या फिर गरीब परिवारों से संबंधित महिलाएं ही चेकअप करवाना आतीं है लेकिन जब उन्हें प्राइवेट दुकानों से महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है तो उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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