अमृत योजना:कब्जों से मुक्त करवाए जाएंगे अस्तित्व खो रहे तालाब, पटवारी करेंगे जमीनों की पहचान

होशियारपुर13 दिन पहलेलेखक: योगेश कौशल
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दातारपुर में राजे का तालाब की हालत - Dainik Bhaskar
दातारपुर में राजे का तालाब की हालत

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत योजना के अंतर्गत जिला होशियारपुर में 75 सरोवरों को बनाया जाएगा। इससे जहां जिले के भू जलस्तर में सुधार होगा, वहीं अपना बजूद खो रहे खासकर जिले के कंडी क्षेत्र के कई तालाबों का जीर्णोद्धार भी हो पाएगा। इस योजना के तहत 1-1 एकड़ में तालाब बनाए जाएंगे। 20 से 25 साल पहले जिले में 1200 से अधिक तालाब व टोबे हुआ करते थे, लेकिन बढ़ती आबादी और कब्जों की वजह से आज की तारीख में 300 के करीब ही तालाब बचे हैं।

पहले यह तालाब पानी की समस्या से निजात पाने के लिए हर गांव में बनाए गए थे। तालाबों में पानी एकत्रित होने से धरती का जल स्तर भी ठीक था, लेकिन, समय के साथ-साथ लोगों का तालाबों की तरफ से रुझान कम होता गया और धीरे-धीरे यह सूखते गए। किसी ने इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया। हालात यह बन गए कि तालाब सूखने पर धीरे-धीरे पानी का लेवल भी गिरता चला गया।

पिछले दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री सोम प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू होने वाली अमृत सरोवर योजना का सर्वे जल्द पूरा कर इस पर काम किया जाएगा। वहीं कैबिनेट मंत्री ब्रह्मशंकर जिंपा ने कहा कि जिन तालाब पर कब्जे हैं, उनकी जमीन की पहचान करने के लिए पटवारियों को कहा जाएगा।

ऐतिहासिक राजे का तालाब की हालत खस्ता, जंगली बूटी का कब्जा
कंडी क्षेत्र के गांव दातारपुर की बात की जाए तो समूचे कंडी क्षेत्र में टोहलू, भवनौर और भम्बोताड़ में एक-एक, बरंगली में दो, वनकर्णपुर में महान संत बाबा तपादास द्वारा 400 सौ साल पूर्व खोदे गए तालाब हैं, जो आज भी सही स्थिति में हैं। दातारपुर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक महत्व वाला राजे दा तालाब पिछले 10 साल से बहुत ही बुरी हालत में है कुछ समय पहले इसके चारों तरह सैरगाह बनाई गई थी लेकिन तालाब में पानी नाममात्र है। इसके आधे भाग में तो जंगली बूटी ने कब्जा कर लिया है। यह तालाब महाराज रणजीत सिंह के साथ जुड़ा तालाब है और 1988 में इलाका के लोगों ने महंत राम प्रकाश दास की देखरेख में इसका जीर्णोद्धार किया था पर आज यह तालाब दयनीय स्थिति में है।

कई तालाबों को सुधार की दरकार
कमाही देवी के तालाब को महंत राज गिरि महाराज ने इलाका निवासियों के प्रयास से बेहतर बना दिया है। वहीं, धर्मपुर देवी मंदिर तालाब, घगवाल के निकट कंडी नहर के किनारे पर स्थित तालाब सही हालत में हैं। गांव बहलखन का तालाब, डडियाल, रामपुर के तालाब, अलबज्जा गोईवाल का तालाब, दलवाली में ताजका के तालाब, गांव कोठी, फाटून का टोबा, खतिगढ़, सहौड़ा कंडी और सहोड़ा मंदिर वाला तालाब ठीक हालत में है। वहीं, देपुर का पनखूह, बुढ़ा छप्पड़, बडाला और करोड़ा का तालाब बुरी हालत में हैं।

गांव बहनंगल का तालाब

जिले में भू-जलस्तर की स्थिति
होशियारपुर शहर का जलस्तर 300 फीट, गढ़शंकर 200-225 फीट, माहिलपुर 250-300 फीट, दसूहा, मुकेरियां, हाजीपुर, तलवाड़ा में 120-130 फीट, भूंगा 150-180 फीट और होशियारपुर ब्लाॅक -1 250-300 फीट व टांडा में 150-200 फीट तक पानी पहुंच चुका है।

जल संरक्षण के लिए चलाई जा रही हैं कई योजनाएं कायाकल्प होगा : जिंपा
सूबा सरकार के रेवेन्यू व जल आपदा विभाग के कैबिनेट मंत्री ब्रह्मशंकर जिम्पा ने कहा कि तालाबाें के खो रहे बजूद के बारे में रेवन्यू विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर पता लगाया जाएगा। यदि गांवों में इतने तालाब थे तो कहां गए और पटवारियों से उनकी जमीन की पहचान भी करवाई जाएगी और इसके साथ साथ वाटर सप्लाई विभाग से भी इन बचे हुए तालाबों के लेवल और सौंदर्यीकरण संबंधी बात की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए योजनाएं चल रही हैं। बरसाती पानी को संजोने के लिए जिले में आधा दर्जन के करीब डैम बनाए गए हैं, जिनमें चौहाल, सलेरन, नारा डाडा, मैंहग्रोवाल, ढोलवाहा डैम, थाना डैम बनाए गए हैं। इसके अलावा मनरेगा के तहत भी तालाबों का कायाकल्प किया जा रहा है।

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