विरासत-ए-खालसा:85 फीट ऊंचा और 32 टन का खंडा आनंदपुर साहिब में स्थापित, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने बनाया है खंडे का डिजाइन, आईआईटी मुंबई ने किया तैयार

आनंदपुर साहिब6 महीने पहलेलेखक: नरेंद्र शर्मा
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यादगार में आकर्षण का केंद्र रहेगा। - Dainik Bhaskar
यादगार में आकर्षण का केंद्र रहेगा।
  • विरासत-ए-खालसा में 10 करोड़ की लागत से भाई जैता जी की यादगार का काम हुअा शुरू, तेजी से चल रहा काम, 6 माह में होगा तैयार

गुरु नगरी आनंदपुर साहिब में विरास्त-ए-खालसा के अंदर भाई जैता जी की यादगार का काम 15 दिन से तेजी के साथ शुरू हो गया है। यहां पर 85 फीट ऊंचा और 32 टन वजन का खंडा स्थापित कर दिया गया है। ये देश का सबसे ऊंचा और अधिक वजनी खंडा बताया जा रहा है। इससे पहले श्री आनंदपुर साहिब के ही पांच प्यारा पार्क में 81 फीट ऊंचा खंडा सुशोभित है। इस प्रोजेक्ट पर पंजाब सरकार करीब 10 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इस खंडे के साथ बनाया बाटा और चक्र बहुत ही आधुनिक ढंग से तैयार किया गया है। यही यादगार में आकर्षण का केंद्र रहेगा। खंडे का डिजाइन गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है जबकि इसका अन्य काम आईआईटी मुंबई द्वारा तैयार किया गया है। इस खंडा साहिब में सुंदर लाइटिंग, अति आधुनिक वाटरफ्लो सिस्टम लगाया जाएगा।

करियर में सबसे अधिक वजन का खंडा लगाया : कपूर

खंडे को स्थापित करने वाले कपूर सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिन में दिन-रात एक करके यह खंडा स्थापित किया गया है। अभी तक उन्होंने पंजाब तथा अन्य राज्यों में ऐसे काम किए हैं लेकिन पूरे भारत में सबसे अधिक वजन वाला तथा ऊंचा यह खंडा होगा। उन्होंने अमृतसर साहिब, करतारपुर साहिब तथा अन्य धार्मिक स्थानों पर भी काम किए हैं। लेकिन अपने कैरियर में ये उन्होंने सबसे अधिक भार का खंडा स्थापित किया है।

5 गैलरियों में दिखेगी भाई जैता की जी जीवनी

एसडीओ सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि सरकार ने भाई जैता जी की यादगार को मुकम्मल करने के लिए 6 महीने का समय तय किया है। काम तेजी से चल रहा है। बता दें कि इस यादगार में खंडे के अलावा 5 गैलरियां बनाई जाएंगी। इन गैलरियों में भाई जैता जी की जीवनी और जन्म से लेकर ज्योति जोत तक के समय का इतिहास दर्शाया जाएगा। इन गैलरियों का काम 2 हिस्सों में पूरा किया जाएगा।

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