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सेहत विभाग का स्टिंग ऑपरेशन:लिंग जांच के 40 हजार मांगे, सेहत विभाग ने रेड कर अल्ट्रासाउंड मशीन व पैसे किए जब्त

बलाचौर2 महीने पहले
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सुनीता चेरिटेबल अस्पताल में कार्रवाई करते सेहत विभाग के अधिकारी। (इनसेट में) कब्जे में लिए दस्तावेज। - Dainik Bhaskar
सुनीता चेरिटेबल अस्पताल में कार्रवाई करते सेहत विभाग के अधिकारी। (इनसेट में) कब्जे में लिए दस्तावेज।
  • सुनीता चे. अस्पताल की मालकिन समेत 3 पकड़े
  • कुछ लोग मेरे काम से जलते हैं इसलिए हुई कार्रवाई, हम अल्ट्रासाउंड नहीं करते : डॉ. सुनीता

स्थानीय भद्दी रोड पर स्थित सुनीता चेरिटेबल अस्पताल में एक एनजीओ की ओर से सेहत विभाग की टीम के साथ किए गए स्टिंग के बाद अस्पताल से अनरजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड मशीन, लिंग जांच के नाम पर लिए गए 40 हजार रुपए व अन्य कागजात जब्त किए गए। हैरानी की बात ये है कि अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन भी किए जाते थे, लेकिन वहां से देर शाम तक सेहत विभाग को ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।

जिससे ये पता चल सके कि अस्पताल या डॉक्टर ऐसे ऑपरेशन कर भी सकता है या नहीं। टीम के वहां पहुंचते ही हड़कंप मच गया और वहां कोई भी क्वालीफाइड डॉक्टर नहीं मिला, जिसके बाद वहां के मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट करवाया गया।

अस्पताल में ऑपरेशन करने संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले : डॉ. कपूर

वीरवार सुबह डॉ. रूपिंदर गिल डीएफपीओ मोगा, डॉ. रमन गुप्ता डीएफपीओ जालंधर, डॉ. सुखमनी नवांशहर पीएनडीटी, डिटेक्टिव विशाल पुरी आदि की टीम ने डमी पेशेंट को 40 हजार रुपए देकर भ्रूण के लिंग जांच के लिए भेजा। ट्रैप लगाने के बाद टीम ने सिविल सर्जन डा. गुरदीप सिंह कपूर, एसएचओ थाना सिटी बलाचौर गुरमीत सिंह, लखवीर सिंह एएसआई को साथ लेकर अस्पताल में छापेमारी की।

डॉ. कपूर ने बताया कि टीम ने जिस महिला को टेस्ट करवाने अस्पताल भेजा था, लिंग निर्धारित टेस्ट करने के बदले अस्पताल ने उससे 40 हजार रुपए में सौदा तय किया था। टीम ने टेस्ट वाले कमरे और मशीन सहित तय राशि 40 हजार रुपए बरामद करवाए। यह सेंटर अवैध चल रहा था। अस्पताल में ऐसे मरीज भर्ती थे, जिनके ऑपरेशन किए गए थे, जबकि अस्पताल में ऑपरेशन करने संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिले।

टीम ने डीवीआर, दवाइयां और 5 मोबाइल भी पकड़े

टीम ने अस्पताल से बरामद स्कैन मशीन, 5 मोबाइल, डीवीआर, 40 हजार रुपए की नकदी, दवाइयां, मोहरां, ओपीडी रजिस्टर, कागजात पुलिस के हवाले किए। एसएचओ गुरमीत सिंह ने बताया कि इस मामले में अस्पताल की मालिक डॉ. सुनीता सहित तीन लोगों के खिलाफ पुलिस थाना सिटी बलाचौर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उधर, डॉ. सुनीता ने कहा कि उन्हें झूठे ट्रैप में फंसाया गया है। क्योंकि कुछ लोग उनके काम से जलते हैं। उनके अस्पताल में अवैध लिंग निर्धारण टेस्टिंग नहीं किया जाता।

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