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वादा किया पर निभाया नहीं:9 साल बीत गए अभी तक नहीं मिला मुआवजा, मृतकों के परिजन लोगों के घरों में काम कर गुजारा कर रहे

बटाला19 दिन पहलेलेखक: जगनदीप सिंह
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  • जहरीली शराब से 12 लाेगों की गई थी जान, प्रशासन ने नहीं दिया अभी तक मुआवजा

9 साल पहले बटाला में जहरीली शराब पीने से गांव जाेहल नंगल और बालेवाल के 12 लाेगाें की माैत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मुअावजा देने का वादा किया था। 6 अगस्त 2012 से 9 अगस्त 2012 के बीच 12 लोगों की मौत हुई थी।

इन 12 मृतकों में से 9 लोग बटाला के गांव जौहल नंगल के और 3 गांव बालेवाल से संबंधित थे। उस वक्त बटाला पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के साथ एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। जहरीली शराब पीने से गांव जाेहल नंगल के नत्था मसीह, बलवंत सिंह, मुश्ताक मसीह, काला, मिंदा मसीह, भुट्टाे, सन्नी, बिट्टा मसीह के अलावा एक ओर व्यक्ति व गांव बालेवाल से प्रेम मसीह, नजीर मसीह, विलियम मसीह की माैत हुई थी।
9 लोग बटाला के गांव जौहल नंगल और 3 गांव बालेवाल के थे, उस समय 12 लोगों के खिलाफ केस हुआ था दर्ज

आज तक सरकार की तरफ से फूटी कौड़ी नहीं मिली

शराब पीने के बाद पिता की हालत बिगड़ने लगी थी। उन्हें सिविल अस्पताल बटाला में दाखिल करवाया गया, उनकी जान नहीं बच पाई। उन्हाेंने बताया कि इस घटना काे करीब 9 साल बीत चुके हैं। तब ताे सरकारी अधिकारियाें ने आकर बड़े-बड़े वादे किए थे। नाैकरी और मुआवजा देने का ऐलान किया था, लेकिन आज तक उन्हें फूटी कौड़ी नहीं मिली। सभी मृतकाें के परिवार दिहाड़ी लगाने को मजबूर हैं। - जैसा मृतक के बेटे रंगा ने बताया
परिजनों को दिहाड़ी लगा गुजारा करना पड़ रहा

मृतक नजीर मसीह की पत्नी बशिरा ने बताया कि उसके पति बाहर से ही शराब पीकर घर आते थे। शराब पीने के आदी हाेने के कारण उस दिन भी वह शराब पीकर घर लाैटे थे, ताे उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी। बाद में उनकी माैत हाे गई। सरकार ने आज तक कुछ नहीं दिया। दिहाड़ी लगाकर गुजारा करना पड़ रहा है।

बेटे की मौत के बाद बहू मायके चली गई, लोगों के घरों में काम कर चला रही हूं अपना गुजारा

मृतक प्रेम मसीह (27) की मां शिंदाे ने बताया कि जहरीली शराब ने उस के जवान बेटे काे निगला है। सरकार ने उनकी काेई मदद नहीं की। बेटे की माैत के बाद उसकी बहू मायके चली गई थी। अब वह खुद परिवार का पालन पाेषण करने के लिए लाेगाें के घराें मेें काम कर रही है। सभी मृतकों के परिवार गरीब हैं। कोई दिहाड़ी लगाकर तो कोई रिक्शा चलाकर गुजारा कर रहे हैं।

सरपंच बोले-गरीब परिवार हैं जल्द मिले मदद

  • गांव बालेवाल के सरपंच सिकंदर सिंह ने बताया कि किसी भी मृतक परिवार काे न ताे प्रशासन की तरफ से नाैकरी मिली है और न ही मुआवजा दिया गया है। तीनों परिवार बहुत गरीब हैं। सरकार और प्रशासन को इनकी मदद करनी चाहिए, ताकि इनके परिवार का गुजारा सही से चल सके।
  • गांव जाेहल नंगल के सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि जहरीली शराब से मरने वाले 9 लोगों में से किसी भी परिवार काे मुआवजा नहीं मिला है। सरकार और प्रशासन को जल्द इनके परिवार की मदद करनी चाहिए, प्रशासन को अपना वादा जल्द पूरा करना चाहिए।

पुराने रिकॉर्ड देख कुछ बता सकते : एसडीएम
एडीसी गुरदासपुर राहुल ने कहा कि मामला काफी पुराना है। उनके ध्यान में नहीं है। वहीं, एसडीएम बटाला बलविंदर सिंह से बात की ताे उन्हाेंने कहा कि मामले संबंधी पीड़ित परिवाराें काे मुअावजा मिला है या नहीं, इस संबंधी पुराना रिकाॅर्ड देखना पड़ेगा। रिकाॅर्ड देखकर ही कुछ बताया जा सकेगा।

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