भारत बंद काे मिला समर्थन:अमृतसर-पठानकाेट हाईवे, गांधी चाैक और धुपसड़ी में किसानों ने किया चक्का जाम, सड़कों पर रहा सन्नाटा

बटाला4 महीने पहले
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  • किसान नेता बोले-देश का अन्नदाता सर्दी, गर्मी और बरसात में दिल्ली में बार्डराें पर बैठ संघर्ष कर रहा, लेकिन केंद्र सरकार को परवाह नहीं

संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर बटाला में अमृतसर-पठानकाेट हाईवे, गांधी चाैक और धुपसड़ी पर किसान जत्थेबंदियों ने चक्का जामकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसानों ने रोष मार्च भी निकाला। वहीं, कारोबारियों और व्यापारियों ने भारत बंद की काल काे पूर्ण समर्थन देते हुए कारखाने, बैंक, दुकानें, शिक्षा संस्थान, बस स्टैंड आदि सब बंद रहे। सड़काें पर आवाजाई भी नाममात्र ही रही। वहीं, गांधी चाैक में मनजिंदरा थिएटर बटाला के कलाकारों ने किसानी मुद्दे पर नाटक भी पेश किया। बंद के दौरान एक निजी अस्पताल ने किसानों के लिए मेडिकल कैंप भी लगाया। दूसरी तरफ गांधी चाैक में दाे सरकारी एंबुलेंस और पुलिस बल भी मौजूद रहा। हालांकि धारा 144 की परवाह न करते हुए किसानों ने हजाराें की गिनती में इकट्ठे हाेकर सरकार के विरुद्ध भड़ास निकाली। शाम 4 बजे तक यह धरने जारी रहे।

बटाला के गांधी चाैक में लगाए धरने में विभिन्न प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों की कड़ी शब्दों में निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि 10 महीने हो गए हैं केंद्र सरकार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए, लेकिन केंद्र की सरकार काे किसानों की परवाह नहीं है। देश का अन्नदाता सर्दी, गर्मी और बरसात में दिल्ली में बार्डराें पर बैठकर संघर्ष रहा है। केंद्र सरकार काे तीनों कृषि कानून रद्द करनी ही पड़ेंगे, नहीं तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान किसान आंदोलन में अपनी जान गंवा चुके 700 से अधिक किसानों काे भी श्रद्धांजलि दी गई।धरने के प्रबंधक मनबीर सिंह रंधावा, रूपिंदर सिंह शामपुरा, गुरबिंदर सिंह जाेली, मनजिंदर सिंह बल, सुखजिंदर सिंह दाबांवाल, कुलविंदर सिंह, सुखवंत सिंह ने सहयोग के लिए सभी जत्थेबंदियों का धन्यवाद किया।

धरने में गुरदर्शन सिंह खालसा, ज्ञानी दविंदर सिंह, बाबा मान सिंह जत्था गुरु नानक तरनादल, गुरिंदर सिंह बाजवा, शैरी कलसी, सुभाष ओहरी, बार एसेसिएशन के प्रधान गुरदीप सिंह रंधावा, मनजीत सिंह कलगीधर सेवक जत्था, बलजीत सिंह, बलदेव सिंह एक्सइयन, दलजीत सिंह काहलाें खालसा ऐड, अमरीक सिंह, गुरवेल सिंह बलपुरियां, हरजिंदर सिंह, साहिबजीत सिंह, पलविंदर सिंह, जाेगिंदर सिंह, सरवन सिंह, हरदयाल सिंह, गुरमीत सिंह, रणबीर सिंह, जरनैल सिंह, मुख्तयार सिंह, अवतार सिंह, कंवलजीत सिंह, बलदेव सिंह, गुरपरतिंदर सिंह, अतर सिंह, पार्षद सुखदेव सिंह बाजवा, गुरप्रीत सिंह चेयरमैन, युद्धबीर सिंह माल्टू, गुरपिंदर सिंह लाडा शाह, परमिंदर सिंह रजिंदरा फाउंडरी, मनमिंदर सिंह, अवतार सिंह, बलविंदर सिंह राजू माझा किसान यूनियन, गुरबख्श सिंह, मनजीत सिंह बाजवा, परमिंदर सिंह, गुरपाल सिंह, वीरम सिंह, गुरिंदर सिंह, हरजीत सिंह आदि सहित अलग-अलग जत्थेबंदियों के नेता मौजूद थे। वहीं, धुपसड़ी धरने में सरपंच सुखविंदर सिंह, लखबीर सिंह, बलविंदर सिंह, मास्टर रतन सिंह, मुख्तार सिंह, दविंदर सिंह, अवतार सिंह, राजविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, सूबा सिंह, सतनाम सिंह, काबल सिंह, जसबीर सिंह, सुखविंदर सिंह, जसकीरत सिंह, रछपाल सिंह, गुरनाम सिंह, जसपाल सिंह, निर्मल िंसंह, सन्नी, प्रेम सिंह, मास्टर बलराज सिंह आदि मौजूद थे।

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