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स्मृति शेष:सेवा सिंह सेखवां का राजकीय सम्मान के साथ संस्कार, शिक्षक से बने थे राजनीतिज्ञ, बुधवार को लंबी बीमारी के चलते निधन, पैतृक गांव सेखवां में संस्कार

बटाला16 दिन पहले
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अंतिम यात्रा में शामिल लाेग। - Dainik Bhaskar
अंतिम यात्रा में शामिल लाेग।
  • 1997 में काहनूवान से चुनाव लड़ पहली बार विधायक बने थे

वीरवार को पंजाब के पूर्व मंत्री जत्थेदार सेवा सिंह सेखवां का उनके पैतृक गांव सेखवां में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनके बेटे जगरूप सिंह सेखवां और मनराज सेखवां ने दी। इस मौके विधायक मीत हेयर के अलावा कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। यहां डिप्टी कमिश्नर गुरदासपुर मोहम्मद इश्फाक, शिराेमणि अकाली दल के नेता गुरइकबाल सिंह माहल, अकाली नेता रविकरण सिंह काहलों, भाजपा नेता मास्टर मोहन लाल, भूपिंदर सिंह मान समेत कई नेताओं ने दुख सांझा किया।

सेखवां लंबे समय से बीमार चल रहे थे, इनका बुधवार शाम काे चंडीगढ़ में निधन हाे गया। अंतिम संस्कार के समय गांव सेखवां शाैक में डूब गया। इस दाैरान पुलिस की टुकड़ी ने सलामी दी गई। स्वर्गीय सेवा सिंह सेखवां के बेटे जगरूप सिंह सेखवां ने कहा कि उनके पिता सेवा सिंह सेखवां ने अपने अंतिम समय में कहा था कि उन्होंने उसे अरविंद केजरीवाल की उंगली थमा दी है। केजरीवाल बहुत इमानदार व्यक्ति हैं, सदा उनका साथ देना। इसके अलावा अन्य राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके पिता की मौत पर उनसे दुख व्यक्त किया है।

2017 में उठाए थे सुखबीर बादल की कार्यशैली पर सवाल

जत्थेदार सेवा सिंह सेखवां सिंह को राजनीति विरासत में ही मिली थी। सेवा सिंह सेखवां के पिता उजागर सिंह सेखवां पुराने टकसाली नेता थे। उजागर सिंह सेखवां भी 2 बार विधायक बने थे। पिता के देहांत हाेने के बाद शिक्षक सेवा सिंह सेखवां ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए 1990 में राजनीति में कदम रखा। उस समय पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सेवा सिंह सेखवां को राजनीति में लेकर आए थे। सेवा सिंह पहली बार 1997 में शिरोमणि अकाली दल से हलका काहनूवान से चुनाव लड़ कर विधायक बने थे।

बादल सरकार के समय शिक्षा मंत्री, लोक संपर्क और मॉल विभाग के मंत्री भी रहे। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मेंबर भी रहे। 2017 में बादल सरकार की हार के बाद सेवा सिंह सेखवां शिअद के उन नेताओं में शामिल हो गए जो उस समय सुखबीर बादल के कामकाज की शैली पर सवाल उठा रहे थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों के तहत सेखवां ने रतन सिंह अजनाला और रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा के साथ मिलकर शिरोमणि अकाली दल टकसाली का गठन किया। इसके बाद अकाली दल संयुक्त से जुड़ने के बाद सेखवां ने अकाली दल संयुक्त को भी छोड़ दिया। आखिर में सेवा सिंह सेखवां अपने बेटे जगरूप सिंह सेखवां के साथ 26 अगस्त 2021 को आम आदमी पार्टी में कंवीनर अरविंद केजरीवाल की हाजिरी में शामिल हाे गए। ​​​​​​​

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