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ऐसा जोखिम न लें:बिजली का खंभा उठाते हुए हाइवोल्टेज तारों से टकराया, 6 प्राइवेट मैकेनिक झुलसे, गंभीर

बटालाएक महीने पहले
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  • नवा रंगड़ नंगल गांव के लोगों ने अपने स्तर पर बुलाए थे मैकेनिक
  • 12 को आए तूफान से खेतों में लगी मोटरों की सप्लाई थी ठप
  • कर्मचारी कम होने के चलते बिजली ठीक करने में हो रही है देरी : एसडीओ

बटाला के नवा रंगड़ नंगल गांव में बिजली की सप्लाई ठीक कर रहे 6 प्राइवेट बिजली मैकेनिक हाइवोल्टेज तारों से करंट लगने से झुलस गए। गांव वासियों की ओर से उन्हें मेहता के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया है। गनीमत रही कि जानी नुकसान होने से बचाव हो गया और बड़ा हादसा होने से टल गया।

एसडीओ उमरपुरा कश्मीर लाल ने बताया कि नवा रंगड़-नंगल इलाके के लोग बिना परमिशन के प्राइवेट तौर पर बिजली का काम करने वाले व्यक्तियों से बिजली सप्लाई ठीक करवा रहे थे। इसी दौरान हाइवोल्टेज तारों से हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि विभाग में मुलाजिमों की कमी है। इसलिए सप्लाई पूरी तरह ठीक करने में समय लग रहा है। ऐसे में खुद बिजली ठीक कराना गलत है।

लोग बोले-विभाग सप्लाई ठीक करने में कर रहा था देरी, इसलिए खुद बुलाए मैकेनिक
जानकारी देते हुए गुरदियाल सिंह निवासी नवा रंगड़-नंगल ने बताया कि उनके गांव में बिजली सप्लाई फीडर सुक्खा चीड़ा से आती है, लेकिन 12 जून की रात को आए तूफान के कारण इलाके की बिजली सप्लाई ठप थी। बिजली विभाग की तरफ से बिजली को चालू तो करवाया गया था, लेकिन उनकी मोटरों की सप्लाई ठीक से नहीं चल रही थी।

उन्होंने एसडीओ उमरपुरा को मोटरों को बिजली ठीक से देने की मांग की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस कारण स्थानीय लोगों ने प्राइवेट तौर पर बिजली ठीक करवाने का फैसला किया था, इसके चलते शुक्रवार को कुछ किसान प्राइवेट तौर पर बिजली का काम करते व्यक्तियों को बुलाकर बिजली सप्लाई ठीक करवा रहे थे।

बिजली ठीक करने वाले खंभे को खड़ा कर रहे थे, तो अचानक उपर से गुजर रही 11 हजार हाइवोल्टेज तारों से खंभा टकरा गया, इस कारण जबरदस्त करंट लगने से अनूप सिंह, बघेल सिंह, अमृतपाल सिंह, परमिंदर सिंह, सुखबीर सिंह और मनबीर सिंह झुलस गए।

जख्मियों को तुरंत मेहता के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। मोटरों को बिजली सप्लाई न होने के चलते किसान को धान को पानी लगाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खेतों में फसल सूख रही थी। इस वजह से अपने स्तर पर प्राइवेट बिजली मैकेनिकों को बुलाया गया था।

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