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कहां से आए इतने इंजेक्शन?:जिस ‘रेमडेसिविर’ की सबसे ज्यादा मांग, वो भाखड़ा नहर में तैरते मिले

चमकौर साहिबएक महीने पहले
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इंजेक्शन असली या नकली, किसने बहाए, पुलिस जांच में जुटी। - Dainik Bhaskar
इंजेक्शन असली या नकली, किसने बहाए, पुलिस जांच में जुटी।

चमकौर साहिब के नजदीक गांव सलेमपुर से निकलती भाखड़ा नहर की सलेमपुर व दुगरी झाल से सैकड़ों रेमडेसिविर इंजेक्शन 100 एमजी व छाती की इंफेक्शन में लगने वाले सीफोपैराजोन इंजेक्शन की खेप मिली है। इनमें सरकार को सप्लाई होने वाले 1456 इंजेक्शन, 621 रेमडेसिविर इंजेक्शन व 849 बिना लेबल के इंजेक्शन मिले हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि यह टीके असली हैं या नकली।

टीके भाखड़ा नहर में किसने फेंके और क्यों फेंके। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। इस समय कोरोना से फेफड़ों के इंफेक्शन को खत्म करने में सबसे ज्यादा मांग वाले रेमडेसिविर के टीकों पर एमआरपी 5400 रुपए व मैन्युफैक्चरिंग डेट मार्च 2021 और एक्सपायरी डेट नवंबर 2021 लिखी है। जबकि सीफोपैराजोन इंजेक्शन पर मैन्युफैक्चरिंग डेट अप्रैल 2021 व एक्सपायरी डेट मार्च 2023 लिखी है, वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि इन टीकों पर फॉर गवर्नमेंट सप्लाई नॉट फॉर सेल भी लिखा हुआ है। गांव सलेमपुर के लोगों ने बताया हजारों की तदाद में ऐसे इंजेक्शन पानी में बह कर आगे भी निकल गए हैं। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने नहर से टीकों को बाहर निकाला।

  • नहर से मिले इंजेक्शन व कंपनी के असली प्रोडक्ट में कुछ फर्क नजर आ रहा है। पुलिस जांच करेगी। - तेजिंदर सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर
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