रेस्क्यू / वन विभाग ने व्यक्ति की कैद से बंदर को आजाद करवा कर वन्य अभ्यारण में छोड़ा

The forest department freed the monkey from the captivity of the person and left it in the wild sanctuary
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The forest department freed the monkey from the captivity of the person and left it in the wild sanctuary

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

दीनानगर. वन विभाग की ओर से स्थानीय नानोनंगल रोड पर एक डेयरी मालिक की ओर से बंदी बनाकर रखे गए बंदर को कब्जे में लेकर कथलौर स्थित वन्य अभ्यारण में आजाद छोड़ दिया गया। डेयरी मालिक की ओर से कई महीनों से बंदर को लाकर रखा गया था। दिन के समय उसे सड़क किनारे एक सूखे पेड़ के साथ जंजीर से बांध कर रखा जाता और रात को दुकान के अंदर बंद कर दिया जाता। इसी पेड़ पर बंधे रहने के दौरान ही उसे कुछ खाने को दिया जाता। इससे आसपास के लोग और राहगीर भी काफी परेशान थे।

मामला फारेस्ट विभाग के ध्यान में आने पर रेंज आफिसर की तरफ से फारेस्ट गार्ड गगनदीप कौर और फारेस्ट गार्ड गुरविंदर सिंह को भेजकर बंदर को इंसान के चंगुल से आजाद करवाने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर पहुंच कर बंदर को डेयरी मालिक के चंगुल से छुड़ा कर कथलौर स्थित वन्य अभ्यारण ले जाकर जंजीरों से आजाद कर दिया। उन्होंने बताया कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत बंदरों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है। इसके तहत बंदरों से नुमाइश करवाना अथवा कैद में रखना गैरकानूनी है।

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