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कोरोना संक्रमण:कोरोना मरीज को लगाई एंटीबॉडीज कॉकटेल, तरल एंटीबॉडी जल्द करते हैं रिकवर

गुरदासपुर17 दिन पहले
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कोरोना पीड़ित को एंटीबॉडीज कॉकटेल की पहली डोज लगाते सेहत कर्मी। - Dainik Bhaskar
कोरोना पीड़ित को एंटीबॉडीज कॉकटेल की पहली डोज लगाते सेहत कर्मी।
  • शुगर, कैंसर, किडनी या दिल की बीमारी से पीड़ित मरीज के लिए लाभदायक है ये दवा : एसएमओ डॉ. चेतना

गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कोरोना पीड़ितों की जिंदगी बचाने के लिए जिला प्रशासन की अगुवाई में जिले में एंटीबॉडीज कॉकटेल दवा की पहली डोज लगाई गई। सरकारी अस्पताल गुरदासपुर की एसएमओ डॉ. चेतना ने बताया कि गांव तरीजा नगर के एक 51 वर्षीय पीड़ित का 31 मई को आरटीपीसीआर सैंपल लिया गया था, इसकी एक जून को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

संबंधित मरीज शुगर से प्रभावित था और उसका ऑक्सीजन लेवल 96 था। मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं थे, इस वजह से पीड़ित एंटीबॉडी कॉकटेल के अनुकूल था। इसलिए उसको सिविल गुरदासपुर में एंटीबॉडीज कॉकटेल की पहली डोज लगाई गई है।

डॉ. चेतना ने बताया कि गंभीर बीमारियों जैसे शुगर, कैंसर, किडनी या दिल की बीमारियों से ग्रस्त मरीज, जो कोरोना से पीड़ित हो जाते हैं, उनके लिए एंटीबॉडीज कॉकटेल बहुत लाभदायक है। अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कोरोना संक्रमित होने पर यह टीका लगवाया था।

यदि लेवल-2 यानी बीमारी की पहली स्टेज पर यह टीका लग जाए, तो पीड़ित की जान बच सकती है। उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि जरूरतमंद मरीजों के एंटीबॉडीज कॉकटेल टीका मुहैया कराने के हित में दानी सज्जन जिला रेडक्रॉस कार्यालय में स्थापित कोविड राहत फंड में आर्थिक सहयोग दे सकते हैं।

ड्रिप के जरिए मरीज को दी जाती है एंटीबॉडी कॉकटेल

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविंद मनचंदा ने बताया कि एंटीबॉडी कॉकटेल डोज अन्य कोविड वैक्सीन से भिन्न है। इसका मुख्य कारण यह है कि उक्त डोज शुगर, कैंसर, किडनी या हृदयरोग जैसी गंभीर बीमारी के मरीजों को लगाई जाती है।

इसमें पहले से एंटीबॉडी तरल अवस्था में होते हैं। डोज को ड्रिप के जरिए मरीज के शरीर में पहुंचाई जाती है, जो जल्दी असर करती है। जबकि शेष कोविड वैक्सीन ए‌ंटीबॉडी बनाने में समय लेती हैं।

इसलिए बीमार लाभपात्री को कोविड वैक्सीन नहीं लगाई जाती, लेकिन उक्त डोज में एंटीबायोटिक पहले से मौजूद होने के कारण बीमार मरीज को लगाई जा सकती है, क्योंकि यह डोज शरीर में जल्द असर कर वायरस से रिकवर होने में मदद करती है।

लेकिन मरीज अतिगंभीर स्थिति में या वेंटिलेटर पर नहीं होना चाहिए। शारीरिक मापदंडों की बात करें तो मरीज की आयु 12 साल से अधिक और भार 40 किलो से अधिक होना जरूरी है। मरीज को इसका एक डोज दिया जाता है।

इधर...कोरोना से तीन की मौत, 80 पॉजिटिव

शनिवार को कोरोना से तीन मरीजों की मौत हुई, जबकि 80 नए मामले सामने आए हैं। जिले में डेथ रेट 745 तक पहुंच गया है। सिविल सर्जन डॉ. हरभजन राम ने बताया कि जिले में अब तक 6,47,352 संदिग्ध मरीजों की सैंपलिंग की गई है।

जिले में अब तक पॉजिटिव मरीजों की संख्या 21,225 हो गई है। इस समय जिले में 773 एक्टिव मामले हैं। अब तक 19,707 मरीज कोरोना पर पूरी तरह से फतेह हासिल कर चुके हैं। जबकि शनिवार को 119 मरीज पूरी तरह सेहतमंद होकर अपने घरों को लौट गए हैं। वहीं, 2620 मरीजों की रिपोर्ट अभी पेंडिंग है।

1817 लोगों को लगा टीकाट

शनिवार को जिले में कुल 1817 लोगों का टीकाकरण किया गया। इसमें महज 110 लाभपात्री 18-44 आयु वर्ग वाले थे। जबकि 1707 लाभपात्री 45 वर्ष से अधिक आयु वाले रहे। जारी रिपोर्ट अनुसार 18-44 आयु वर्ग के गुरदासपुर में 60, कलानौर में 10, ध्यानपुर में 10 व बटाला में 30 लाभपात्रियों ने टीका लगवाया।

उधर, 45 से अधिक आयु वर्ग में गुरदासपुर में 90, कलानौर में 37, फतेहगढ़ चूड़ियां में 152, ध्यानपुर में 218, नौशहरा मज्जा सिंह में 138, बटाला में 119, भाम में 249, रणजीत बाग में 40, भुल्लर में 374, बहरामपुर में 110, दोरांगला में 40 और काहनूवान में 140 लोगों ने कोरोना टीका लगवाया।

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