कान के चेकअप को भटकती रही महिला:सिविल सर्जन ने लिखकर दिया फिर हुआ इलाज, कादियां अस्पताल सेे किया गया था रैफर

गुरदासपुरएक वर्ष पहले
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पति की मारपीट से एक महिला के दोनों कानों से खून निकलने लगा। उक्त महिला को पीड़ित परिवार कादियां अस्पताल ले गया, यहां ईएनटी विशेषज्ञ न होने के चलते महिला को बटाला अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन बटाला के एसएमओ ने उन्हें यह कह कर वापस भेज दिया कि हमारा ईएनटी डॉक्टर कोरोना संदिग्ध लोगों की सैंपलिंग में व्यस्त है। आप किसी और अस्पताल में जाकर इलाज करवाएं।

वहीं दोबारा कादियां अस्पताल आने पर डॉक्टरों ने उसे गुरदासपुर रेफर कर दिया। गुरदासपुर एसएमओ ने उक्त महिला को यह कह कर भेज दिया कि पहले सिविल सर्जन से लिखवा कर लाओ फिर आपका इलाज किया जाएगा। पीड़ित परिवार भटकता हुआ सिविल सर्जन दफ्तर पहुंचा। जहां सिविल सर्जन ने उन्हें गुरदासपुर अस्पताल में इलाज करवाने के लिए लिखकर दिया। इसके बाद गुरदासपुर सिविल में महिला का चेकअप हुआ। सिविल सर्जन डॉ. किशन चन्द ने बताया कि उक्त लोग मिले थे। मैंने उन्हें गुरदासपुर अस्पताल में इलाज करवाने के लिए लिख दिया है और एसएमओ को भी बोल दिया है। महिला का चेकअप हो गया है।

ईएनटी की ओपीडी बंद है : एसएमओ बटाला
बटाला के एसएमओ डॉ. संजीव भल्ला ने कहा कि हमारे पास एक ही ईएनटी डॉक्टर है और वो कोरोना सैंपल लेने में व्यस्त था। हम ईएनटी की ओपीडी नहीं कर रहे। इसके चलते महिला को अन्य अस्पताल में भेजने को कहा था।
पीड़िता का इलाज बटाला में होना था गुरदासपुर में नहीं : एसएमओ गुरदासपुर
गुरदासपुर की एसएमओ डॉ. चेतना ने कहा कि अगर बटाला में एक ईएनटी है, तो हमारे पास भी एक ही ईएनटी डॉक्टर है और वो भी सैंपल लेने में व्यस्त है। यह लोग कादियां से रेफर हुए हैं तो इनका इलाज बटाला में होना था।

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