सही जांच करवाएं:डेंगू का रैपिड टेस्ट सही नहीं, इसलिए सिविल में कराए‌ एलाइजा जांच, प्राइवेट लैब में रोज आ रहे 30 से ज्यादा डेंगू पॉजिटिव

गुरदासपुर10 दिन पहले
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सिविल गुरदासपुर में जमा पानी (इनसैट) पनप रहा मच्छर। - Dainik Bhaskar
सिविल गुरदासपुर में जमा पानी (इनसैट) पनप रहा मच्छर।
  • सरकारी आंकड़ों में अभी तक 91 मरीज ही
  • सिविल गुरदासपुर में 4 मरीजों का चल रहा इलाज, एक प्राइवेट लेबोरेटरी में रोजाना 6 से 7 लोग टेस्ट कराने आ रहे

एक तरफ जहां सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 91 लोग ही डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, अगर प्राइवेट लैब वालों की मानें तो गुरदासपुर शहर में रोज 30 से अधिक लोग डेंगू के शिकार हो रहे हैं। इस समय सिविल गुरदासपुर में 4 डेंगू के मरीज भर्ती हैं।

लखनपाल अस्पताल के डॉ. राजेश लखनपाल ने बताया कि प्राइवेट लैब के टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले मरीज संदिग्ध होते हैं, एलाइजा टेस्ट के जरिए पॉजिटिव आने पर ही उन्हें डेंगू मरीज कहा जा सकता है। फिलहाल मेरे अस्पताल में डेंगू के 6 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है।

गुरदासपुर शहर में 20 के करीब प्राइवेट लैब

धन धन गुरु हरि राय जी लेबोरेटरी के मालिक ने बताया कि उनकी लेबोरेटरी में रोजाना 6 से 7 मरीज डेंगू टैस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। इनमें से दो-तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। अगर शहर गुरदासपुर की बात करें, तो शहर में करीब 20 लेबोरेटरियां हैं, जहां लोग रोजाना टेस्ट करवाने पहुंच रहे हैं। इसके चलते अगर अनुमान लगाया जाए तो सिर्फ शहर गुरदासपुर में ही रोजाना 30 के करीब डेंगू पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं।

गुरदासपुर सिविल में जमा है पानी, डेंगू मच्छर पनपने का डर

एक तरफ जहां सेहत विभाग मोहल्लों में जाकर लोगों के घरों से लारवा नष्ट करवा रहा है और लोगों को जागरूक कर रहा है कि कहीं भी पानी जमा न होने दें क्योंकि खड़े पानी में लारवा पैदा होता है। इसमें डेंगू मच्छर जन्म लेता है, लेकिन अगर सिविल अस्पताल गुरदासपुर की बात की जाए तो वहां पिछले कई दिनों से पानी खड़ा है जो न तो सफाई कर्मचारियों को नजर आ रहा है और न ही सेहत अधिकारियों को। इस पानी में मच्छर पनप रहा है।

रैपिड टेस्ट मान्य नहीं

प्राइवेट लैब वालों को पत्र जारी किया जाएगा कि वो लैब में डेंगू टेस्ट करवाने वाले लोगों संबंधी जानकारी सेहत विभाग को दें। साथ ही उन्होंने बताया कि प्राइवेट लैब वाले डेंगू का रैपिड टेस्ट करते हैं। इसे भारत सरकार मान्यता नहीं देती है। सिविल अस्पताल में होने वाला एलाइजा टेस्ट ही सही माना जाता है। प्राइवेट लैब में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को संदिग्ध माना जाता है। पत्र जारी कर आदेश दिया जाएगा कि जो प्राइवेट लैब वाले मरीज का सैंपल हमें भी भेजें।-डॉ. प्रभजोत कौर, जिला एपेडेमियोलॉजिस्ट

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