अस्पताल में सुविधाओं की कमी / इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के बेड पर चादरें नहीं

इमरजेंसी वार्ड में बिना चादरों के बेड पर बैठे मरीज। इमरजेंसी वार्ड में बिना चादरों के बेड पर बैठे मरीज।
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इमरजेंसी वार्ड में बिना चादरों के बेड पर बैठे मरीज।इमरजेंसी वार्ड में बिना चादरों के बेड पर बैठे मरीज।

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

गुरदासपुर. केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना में प्रदेश भर में पहले नंबर पर रहने वाले सिविल अस्पताल का हाल इन दिनों बेहाल है। हालत यह हैं कि मरीजों के लिए सुविधाओं की बहुत ज्यादा कमी है, इसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों के लिए लगाए गए बेडों पर चादरें तक नहीं हैं। उन्हें सीधे गद्दों पर ही लेटा दिया जाता है। मरीजों को खुद अपने घरों से चादरों का इंतजाम करना पड़ रहा है। ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत अप्रैल माह में सिविल अस्पताल को प्रदेश भर में पहला स्थान पर रहा था।

उस समय अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया था कि अगली बार भी अस्पताल को नंबर-1 पर बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन इस उपलब्धि के बाद लगातार अस्पताल के हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही अस्पताल की मॉर्चरी के फ्रीजर खराब थे। मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. किशन चंद का कहना है कि इस बारे में जानकारी नहीं थी। अब पता चल गया है। सिविल अस्पताल के प्रबंधन से बातकर सभी वार्डों में चादरों का प्रबंध कराया जाएगा। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।  

गंभीर जख्मियों के लिए भी प्रबंध नहीं 
अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर जख्मियों तक के लिए शीट्स का कोई प्रबंध नहीं है। हादसे या लड़ाई-झगड़े के दौरान जख्मी होने वालों को सीधे गद्दे वाले स्ट्रेचर पर लेटा दिया जाता है। इमरजेंसी में मरीजों को लेटाने के लिए शीट्स का प्रबंध होना चाहिए। इसके विपरीत अस्पताल में शीट्स उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में जख्मियों को सीधे गद्दे वाले स्ट्रेचर पर डालकर उनका इलाज शुरू कर दिया जाता है। मरीजों ने इन कमियों के बारे शिकायत की, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में सिविल अस्पताल फिर से नंबर-1 पर आ पाएगा, ऐसी उम्मीद दिखाई नहीं देती है।

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