प्रतिभा:38 साल से रामलीला में अंगद का रोल कर रहे रणजीत सिंह राणा

गुरदासपुरएक महीने पहले
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अंगद के रोल में रणजीत सिंह राणा। - Dainik Bhaskar
अंगद के रोल में रणजीत सिंह राणा।
  • रणजीत सिंह राणा का किरदार देखने दूर-दूर से आते हैं लाेग, 10 साल की आयु से अंगद के किरदार ने किया प्रभावित

बाबा सिलेंडर के मैदान में चल रही हिंदू युवक सभा राम लीला के मंचन पर मोहल्ला शिव नगर के रहने वाले रणजीत सिंह राणा पिछले कई सालों से रामलीला में लगातार अंगद का किरदार निभा रहे हैं। मंचन के दौरान उनके डायलाॅग व आवाज को सुनकर लोग तारीफ किए बिना नहीं रह पाते।

उन्होंने बताया कि वह पिछले 38 साल से रामलीला का मंचन करते आ रहे हैं। ऐतिहासिक 153 साल पुरानी हिंदू युवक सभा राम नाटक क्लब बाबा सलेंडर में 57 साल के रंजीत सिंह राणा पिछले 38 साल से रामलीला में अंगद का रोल निभा रहे हैं। रंजीत सिंह राणा ने कहा कि रामलीला में मंचन करना उनके जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया है।

जिला गुरदासपुर में उनका फोटोग्राफर का काम है। दैनिक रंजीत राणा ने कहा कि मैंने प्रण लिया है कि जब तक जीवन है तब तक रामलीला में रोल करता रहूंगा। रंजीत सिंह राणा ने हिंदू युवक सभा राम नाटक कल्ब की राम लीला में वैसे तो कई किरदार जैसे विश्वामित्र, केवट, आदि किरदार निभाए हैं, लेकिन अंगद का रोल करना उनके लिए जीवन का हिस्सा बन गया है।

साल 1982 में शुरू हई थी रामलीला में दिलचस्पी
राणा का कहना है कि वह हिंदू युवक सभा राम लीला नाटक क्लब के कैशियर के तौर भी काम करते हैं। उनका रुझान अपने साथियों के साथ 1982 राम लीला की और गया। वह बताते हैं कि तब के समय में लाइटिंग का इस्तेमाल काफी कम हुआ करता था। उस समय रामलीला के लिए बहुत कम पैसे लोगों से मिलते थे, अब समय के साथ साथ काफी कुछ बदल गया है।

हर धर्म के लोग देखने आते हैं रामलीला, खुद सिख फैमली से लेकिन रामलीला का मंचन काफी लंबे समय से करते आ रहे
उन्हाेंने बताया कि वैसे तो राम लीला संनातन धम का त्यौहार है, लेकिन रामलीला देखने आने वाले हिंदुओं के साथ-साथ हर धम के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। राणा ने बताया कि वह खुद सिख फैमली से हैं, लेकिन वह भी राम लीला का मंचन काफी लंबे समय से करते आ रहे हैं।

वहीं उनकी राम लीला कमेटी के काम करने वाले भाई सभी धर्मों से हैं। उनके ही सहयोग से रामलीला का मंचन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से अंगद का किरदार निभाने के कारण अब आसपास के लोग उन्हें अंगद के नाम से ही पहचानते हैं। राणा ने बताया कि जब वह 10 की आयु में थे तो वह घर से छिपकर राम लीला देखने जाते थे। सतीश कालिया को अंगद का रोल करते हुए देख बहुत प्रभावित हुए थे।

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