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सुविधा केंद्रों में असुविधा:9 से 11 दिनों में मिलने वाला डेथ सर्टिफिकेट 45 दिन में भी नहीं मिल रहा, लाइसेंस अटके

होशियारपुरएक महीने पहलेलेखक: गुरप्रीत बैंस
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लोगों के सर्टिफिकेट की 2 हजार फाइलें फंसी। - Dainik Bhaskar
लोगों के सर्टिफिकेट की 2 हजार फाइलें फंसी।
  • पहले कोरियर सेवा के लिए कहा, अब काम का बोझ नहीं उठा पा रहे कर्मचारी

कोरोना संक्रमण आने के बाद यहां लोगों को सेहत प्रति मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सरकार द्वारा लोगों की सुविधा के लिए चलाए जा रहे सुविधा केंद्रों में भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिला होशियारपुर में मिनी सचिवालय के अलावा 25 सुविधा केंद्र सरकार ने बीएलएस कंपनी को ठेके पर दिए हैं।

इन केंद्रों में लोगों को जन्म-मौत, मैरिज, कंडी एरिया, बैकवर्ड एरिया, लाइसेंस सहित अन्य कई तरह सर्टिफिकेट बनाने की सुविधा दी जा रही है लेकिन जिले के 25 सेवा केंद्रों में करीब 2 हजार फाइलें फंसी पड़ी है और ज्यादातर में लापरवाही सुविधा केंद्र के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।

जो फाइल से तैयार किए गए सर्टिफिकेट को ठीक समय पर कोरियर के लिए नहीं भेज रहे और इस लापरवाही का खमियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई किया हुआ है। कई मामलों में तो ऐसे लोग भी सामने आए हैं।

जिन्होंने कोई सर्टिफिकेट लेने के लिए 2 महीने पहले सुविधा केंद्र में अप्लाई किया लेकिन उन्हें अब तक सर्टिफिकेट नहीं मिला जबकि हर तरह के सर्टिफिकेट को अप्लाई करने वाले तक पहुंचाने के लिए समय सीमा तय की हुई है।

पोस्ट ऑफिस से कोरियर का समझौता होने के बाद भी नहीं पहुंच रही कंपलीट हुई फाइलें

सेवा केंद्र चलाने वाली कंपनी ने पोस्ट ऑफिस से कोरियर सेवा के लिए समझौता किया हुआ है, जैसे ही कोरोना महामारी बढ़ी तो लोगों ने कोरियर सेवा लेने को पहल दी ताकि सर्टिफिकेट लेने उन्हें सेवा केंद्र न आना पड़े। वही केंद्रों के कर्मचारियों ने भी इस सेवा के लिए लोगों को जागरूक किया।

जिस किसी ने भी कोरियर सेवा लेनी होती है उसे 75 रुपए फीस देनी पड़ती है, जिसके बाद सर्टिफिकेट कोरियर के जरिए संबंधित व्यक्ति तक पहुंच जाता है लेकिन लोगों में इसका रुझान बढ़ने के बाद जैसे ही काम बढ़ा तो इसका बोझ सेवा केंद्रों के कर्मचारी उठा नहीं पा रहे। फाइलें कंपलीट होने के बाद सेवा केंद्रों में ही फंसी रहती है जबकि कंपलीट हुईं फाइलों को पोस्ट ऑफिस तक पहुंचाना होता है।

लोग बोले-कर्मी काम में कर रहे लापरवाही

भास्कर ने कुछ लोगों से बातचीत की है, जिन्हें समय पर सर्टिफिकेट नहीं मिले। इनमें महिंदर सिंह नाम का एक व्यक्ति शामिल है जोकि गांव डांडिया के रहने वाले है। महिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बहू चरनजीत कौर के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए 12 मई को अप्लाई किया था।

बहू इस समय इंग्लैंड में रह रही है और उन्हें यूरोप में स्थाई नागरिकता के लिए आवेदन को बर्थ सर्टिफिकेट चाहिए। एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उन्हें सर्टिफिकेट नहीं मिला जबकि इस सेवा को पूरी करने का समय महज 9 दिन है।

वहीं, गांव बरोटी के रहने वाले मनदीप ने लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सुविधा केंद्र में 12 मई को फाइल जमा करवाई थी लेकिन उन्हें भी अब तक लाइसेंस नहीं मिला जबकि सेवा केंद्र 4 दिन में इस सेवा को पूरी करने का दावा करता है।

इसी तरह किरनप्रीत को भी लाइसेंस के लिए अप्लाई किए 1 महीने से ऊपर का समय निकल चुका है। जसवीर सिंह वासी गांव बडला को उनके पिता का डेथ सर्टिफिकेट नहीं मिल रहा, उन्होंने 3 मई को इसके लिए सेवा केंद्र में अप्लाई किया था क्योंकि पहले बने डेथ सर्टिफिकेट में स्पैलिंग मिसटेक थी।

जिसे ठीक करवाने के लिए दोबारा अप्लाई किया लेकिन डेढ़ महीने का समय निकलने के बाद अब तक मिला नहीं। सेवा केंद्रों में काम अपने काम के लिए आवेदन करने वाले लोगों ने कहा कि सेवा केंद्रों के कर्मचारी काम में लापरवाही कर रहे हैं।

हड़ताल के कारण काम प्रभावित हुआ : मैनेजर

सेवा केंद्र चलाने वाली कंपनी के जिला मैनेजर राजीव सेनी ने कहा कि पिछले दिनों के दौरान कुछ सरकारी विभागों में मुलाजिमों की हड़ताल होने के कारण समय पर फाइल सुविधा केंद्रों में नहीं पहुंच रही थी लेकिन अब हड़ताल नहीं है और काम समय पर शुरू कर दिया गया है और आने वाले समय में लोगों को मुश्किल पेश नहीं आएगी।

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